नई दिल्ली. भारत के 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) की गूँज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर अभी से सुनाई देने लगी है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच सेना के जवानों के कदमों की ताल और शौर्य के प्रदर्शन की रिहर्सल पूरे उफान पर है। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस न केवल भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक होगा, बल्कि कुछ ऐसी नई पहल भी देखने को मिलेंगी जो इतिहास रच देंगी।
1. कर्तव्य पथ पर शौर्य की रिहर्सल
पिछले कई दिनों से भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ तड़के सुबह कर्तव्य पथ पर अभ्यास कर रही हैं।
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कठिन अभ्यास: जवान भारी धुंध के बीच भी सटीक तालमेल और अनुशासन का परिचय दे रहे हैं।
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फ्लाईपास्ट की तैयारी: वायुसेना के लड़ाकू विमान (राफेल, तेजस और सुखोई-30) आसमान में ‘नाराज’ और ‘त्रिशूल’ जैसे फॉर्मेशन बनाने का अभ्यास कर रहे हैं।
2. विशेष आकर्षण: ‘मूक योद्धा’ (Silent Warriors) का दस्ता
2026 की परेड का सबसे भावुक और गर्व महसूस कराने वाला क्षण ‘मूक योद्धा’ पशु दस्ता होगा। पहली बार, देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पशुओं को एक विशेष और बड़े सम्मान के साथ परेड का हिस्सा बनाया जा रहा है।
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आर्मी डॉग स्क्वाड: इसमें लैब्रेडोर और जर्मन शेफर्ड जैसे प्रशिक्षित कुत्ते शामिल होंगे, जो विस्फोटक खोजने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञ हैं।
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खच्चर दस्ता (Army Mules): दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में रसद पहुँचाने वाले ये मूक नायक पहली बार अपनी वीरता का परिचय कर्तव्य पथ पर देंगे।
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ऊँट सवार दस्ता (BSF Camel Contingent): थार के रेगिस्तान के रक्षक बीएसएफ के ऊँट अपने पारंपरिक साज-सज्जा के साथ आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
3. आत्मनिर्भर भारत की झलक: ‘मेड इन इंडिया’ हथियार
इस बार की परेड में विदेशी हथियारों की जगह पूरी तरह स्वदेशी रक्षा उपकरणों का बोलबाला रहेगा:
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अर्जुन टैंक और नाग मिसाइल: भारत में निर्मित मुख्य युद्धक टैंक और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें भारत की मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगी।
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स्वदेशी ड्रोन झुंड (Drone Swarm): भविष्य के युद्ध की तैयारी को दर्शाते हुए सैकड़ों स्वदेशी ड्रोन एक साथ उड़ान भरेंगे।
4. सांस्कृतिक विविधता और ‘नारी शक्ति’
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झांकियाँ: 2026 में 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियाँ निकलेंगी, जिनका मुख्य विषय ‘विकसित भारत @ 2047’ रखा गया है।
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सर्व-महिला मार्चिंग दस्ता: सशस्त्र बलों की सभी इकाइयों में ‘नारी शक्ति’ का प्रतिनिधित्व करने के लिए केवल महिला अधिकारियों और सैनिकों का एक संयुक्त दस्ता मार्च करेगा।
5. सुरक्षा और तकनीक
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कर्तव्य पथ के चारों ओर AI-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। 2026 में पहली बार दर्शकों के लिए डिजिटल ई-टिकटिंग और QR कोड आधारित प्रवेश को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्य अतिथि: इस वर्ष फ्रांसीसी राष्ट्रपति (या संबंधित आमंत्रित राष्ट्र प्रमुख) को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेंगे।
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