लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में ‘लव जिहाद’ और ‘डेमोग्राफी परिवर्तन’ (जनसांख्यिकीय बदलाव) के मुद्दों पर एक बार फिर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उनके ताज़ा बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में सामाजिक ताने-बाने के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कायम है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लव जिहाद’ और ‘धर्मांतरण’ जैसी गतिविधियों को राष्ट्र-विरोधी करार देते हुए सख्त चेतावनी दी है। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि राज्य की जनसांख्यिकी (Demography) को बदलने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
1. डेमोग्राफी परिवर्तन पर सीधा निशाना
मुख्यमंत्री ने हाल ही में संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट और राज्य के अन्य संवेदनशील इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग साजिश के तहत हिंदू आबादी को कम करने और विशेष क्षेत्रों की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
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बयान: “जो लोग डेमोग्राफी बदलने की कोशिश करेंगे, उन्हें खुद इस प्रदेश से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”
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आरोप: उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए पिछली सरकारों ने दंगों और पलायन को बढ़ावा दिया, लेकिन अब ‘डबल इंजन’ की सरकार इसे सफल नहीं होने देगी।
2. लव जिहाद और नए कानून की सख्ती
‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर सीएम योगी ने इसे ‘छल-कपट’ और ‘भारत की आत्मा पर प्रहार’ बताया। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में ‘विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक, 2024’ पारित किया है, जो इसे देश का सबसे सख्त कानून बनाता है।
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उम्रकैद का प्रावधान: नए कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति डरा-धमकाकर, लालच देकर या विवाह का झांसा देकर धर्मांतरण कराता है, तो उसे 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
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विदेशी फंडिंग पर नजर: सीएम ने कहा कि धर्मांतरण के पीछे काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट और विदेशी फंडिंग पर सरकार की कड़ी नजर है।
3. “सेवा के नाम पर सौदेबाजी नहीं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ संगठन ‘सेवा’ के मुखौटे में धर्म परिवर्तन का ‘धंधा’ कर रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जो लोग भोली-भाली जनता को बहकाकर या लोभ देकर भारत के ताने-बाने को तोड़ना चाहते हैं, उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नजीर बनेगी।
प्रमुख बिंदु: यूपी का नया एंटी-धर्मांतरण कानून (2024)
| श्रेणी | सजा का प्रावधान |
| धोखाधड़ी/जबरन धर्मांतरण | 20 साल से आजीवन कारावास |
| सामूहिक धर्मांतरण | 7 से 14 साल की जेल और भारी जुर्माना |
| विदेशी फंडिंग का उपयोग | 7 से 14 साल का कठोर कारावास |
| FIR का अधिकार | अब केवल पीड़ित नहीं, बल्कि कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकता है |
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