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मुजफ्फरनगर: 15 साल तक बंधक बनाकर कराया धर्म परिवर्तन, वायरल वीडियो ने खोला राज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुजफ्फरनगर । बुधवार, 22 अप्रैल, 2026

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के थाना भोपा क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो किसी फिल्मी पटकथा जैसी प्रतीत होती है, लेकिन इसकी कड़वी सच्चाई ने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 15 साल पहले हरिद्वार से गायब हुए एक युवक ‘राकेश शर्मा’ की दास्तां एक वायरल वीडियो के जरिए दुनिया के सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, हरिद्वार निवासी राकेश शर्मा का करीब डेढ़ दशक पहले अपहरण किया गया था। मुख्य आरोपी अफसर, जो मुजफ्फरनगर के सीकरी गांव का निवासी है, उसे अपने साथ ले आया था। आरोप है कि राकेश को बंधक बनाकर उससे जबरन मजदूरी कराई जाती रही। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें राकेश को जबरन मस्जिद ले जाकर नमाज पढ़ाते और धर्म परिवर्तन कराते हुए दिखाया गया।

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पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अफसर, और उसके साथियों सलमान, दानिश व अनस को गिरफ्तार कर लिया।

कानूनी धाराएं:

  • उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज।

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अपहरण और बंधक बनाने से संबंधित धाराएं।

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जांच के बिंदु

क्षेत्राधिकारी देवव्रत बाजपेई के अनुसार, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या राकेश के परिजनों ने हरिद्वार में अपहरण की कोई रिपोर्ट दर्ज कराई थी? साथ ही, इतने वर्षों तक राकेश ने किसी से मदद क्यों नहीं मांगी या उसे किन परिस्थितियों में दबाकर रखा गया था।

नोट : हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में इसे 15 साल पुराना अपहरण बताया जा रहा है, पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या पीड़ित ने अपनी मर्जी से भी कभी वहां रहने का प्रयास किया था या उसे पूरी तरह डरा-धमका कर रखा गया था। तथ्यों की पुष्टि होते ही चार्जशीट में बदलाव संभव है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।