क्वेटा । शनिवार, 22 अगस्त 2026
पाकिस्तान का दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलूचिस्तान इन दिनों अपने इतिहास के सबसे गंभीर सुरक्षा और प्रशासनिक संकटों में से एक का सामना कर रहा है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हेरोफ Phase-2’ के तहत पुलिस थानों, सैन्य चौकियों, सरकारी प्रतिष्ठानों, जेलों और राजमार्गों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
पिशिन जिले के सरनान इलाके में हाल ही में एक पुलिस स्टेशन को विस्फोट से उड़ा दिया गया और वहां मौजूद सरकारी हथियारों व गोला-बारूद को कब्जे में ले लिया गया। इसी प्रकार सुरब और मस्तूंग जिलों में भी सरकारी बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचाई गई है।
BLA का बढ़ता दायरा और पाकिस्तानी सेना का ऑपरेशन
BLA और उसके सहयोगी गुटों ने अब केवल सैन्य चौकियों तक सीमित न रहकर राजमार्गों की नाकेबंदी और व्यावसायिक परिवहन को रोकने की रणनीति अपनाई है। पाकिस्तान की ओर से सैन्य बलों, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का सहारा लेकर ‘ऑपरेशन रेड-उल-फितना’ (Operation Radd-ul-Fitna) जैसे व्यापक आतंकवाद-विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं।
हालांकि, दोनों पक्षों के दावों के बीच विरोधाभास बना हुआ है। सेना जहां सैकड़ों आतंकवादियों के खात्मे का दावा करती है, वहीं BLA भारी सैन्य नुकसान का दावा कर रहा है। स्वतंत्र मीडिया और पर्यवेक्षकों की पहुंच सीमित होने के कारण जमीनी हकीकत और मौतों के आंकड़ों की निष्पक्ष पुष्टि कठिन बनी हुई है।
CPEC और आर्थिक ढांचे पर असर
बलूचिस्तान का यह संकट केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर पड़ रहा है:
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ग्वादर बंदरगाह और CPEC: चीनी नागरिकों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर हमलों के कारण चीन की चिंताएं बढ़ी हैं।
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खनिज एवं प्राकृतिक संसाधन: बलूचिस्तान के समृद्ध खनिज कारोबार, तेल एवं गैस आपूर्ति नेटवर्क पर लगातार खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
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व्यापार एवं सड़क संपर्क: मुख्य राजमार्गों के क्षतिग्रस्त होने से अंतर-प्रांतीय व्यापार में भारी रुकावट आई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: बलूचिस्तान में BLA द्वारा किए जा रहे हमलों का मुख्य कारण क्या है?
BLA और अन्य बलूच अलगाववादी गुटों का आरोप है कि पाकिस्तान की केंद्र सरकार बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों (जैसे गैस, खनिज और ग्वादर पोर्ट) का दोहन करती है, लेकिन स्थानीय बलूच समुदाय को उनके अधिकारों और विकास से वंचित रखती है।
Q2: CPEC परियोजना पर इस हिंसा का क्या प्रभाव पड़ रहा है?
लगातार होते हमलों और चीनी नागरिकों को निशाना बनाए जाने के कारण CPEC परियोजनाओं की गति धीमी हुई है और चीन द्वारा सुरक्षा चिंताओं को लेकर पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।
Q3: क्या पाकिस्तान सरकार इस संकट के समाधान के लिए वार्ता कर रही है?
पाकिस्तान सरकार ने बार-बार राजनीतिक संवाद और शिकायतों के समाधान की बात कही है, लेकिन जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई जारी रहने के कारण प्रभावी वार्ता का माहौल नहीं बन पाया है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों, आधिकारिक वक्तव्यों और स्वतंत्र विश्लेषणों पर आधारित है। संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से प्राप्त आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि की अपनी सीमाएं हैं।
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