इस्लामाबाद । शनिवार, 22 अगस्त 2026
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने 20 अगस्त 2026 को देश के सैन्य इतिहास का सबसे बड़ा विधायी बदलाव करते हुए Defence Forces of Pakistan Act, 2026 को मंजूरी देकर कानून का रूप दे दिया है। इस नए कानून के जरिए पाकिस्तान की थल सेना, नौसेना और वायु सेना को एक ही एकीकृत कमान संरचना (Unified Command Structure) के तहत ला दिया गया है।
यह बदलाव पाकिस्तान के संविधान में किए गए 27वें संशोधन के बाद आया है, जिससे सेना के शीर्ष नेतृत्व में व्यापक प्रशासनिक और operational बदलाव हुए हैं।
सैन्य संरचना के प्रमुख बिंदु और बड़े बदलाव
1. Chief of Defence Forces (CDF) का केंद्रीय पद
नए मॉडल के तहत पाकिस्तान की तीनों सेनाओं के कमान और कंट्रोल का सर्वाधिकार Chief of Defence Forces (CDF) को सौंपा गया है। Field Marshal Asim Munir (जो वर्तमान में COAS भी हैं) इस पद पर तैनात रहते हुए सेना के ऑपरेशनल फैसलों, सैन्य कर्मियों के कार्यकाल/सेवानिवृत्ति तथा तीनों सेनाओं के प्रशासनिक मामलों पर पूर्ण नियंत्रण रखेंगे। इसके साथ ही CDF पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के मुख्य सैन्य सलाहकार (Principal Military Advisor) की भूमिका निभाएंगे।
2. CJCSC पद का अंत
इस कानून का सबसे महत्वपूर्ण पहलू Chairman Joint Chiefs of Staff Committee (CJCSC) के दशकों पुराने पद को आधिकारिक रूप से समाप्त करना है। अब तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का केंद्र केवल CDF का कार्यालय होगा, जिससे पाकिस्तान की सैन्य निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह से केंद्रीकृत (Centralized) हो गई है।
3. Defence Forces Headquarters (DFHQ) की स्थापना
त्रि-सेवा (Tri-service) सहयोग को बढ़ाने के लिए एक नए संस्थागत केंद्र के रूप में Defence Forces Headquarters स्थापित किया गया है। यह मुख्यालय operational coordination, strategic planning और संयुक्त सैन्य अभियानों का केंद्र बिंदु बनेगा।
4. Cyber और Multi-Domain Warfare पर जोर
आधुनिक युद्ध तकनीकों को ध्यान में रखते हुए कानून में Multi-Domain Integration और Network-Centric Warfare पर विशेष बल दिया गया है। हालांकि, यह किसी अलग स्वतंत्र साइबर कमान का गठन नहीं है, बल्कि थल, जल और वायु अभियानों के साथ साइबर तथा अन्य रणनीतिक डोमेन को एकीकृत करने का कानूनी ढांचा है।
5. Nuclear Command (NCA Act, 2010) में संशोधन
सैन्य कमान में हुए बदलाव के अनुरूप पाकिस्तान ने National Command Authority (NCA) Act, 2010 में भी संशोधन पास किया है। इसके तहत परमाणु कमान में CJCSC के संदर्भों को हटाकर नए सैन्य पदानुक्रम और नेशनल स्ट्रैटेजिक कमान के साथ जोड़ा गया है।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
भारत के सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा अपनी सैन्य संरचना को Joint Warfare और Multi-Domain Operations की दिशा में ले जाना भारतीय रक्षा योजना के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। तीनों सेनाओं का एक ही कमान तंत्र के तहत आना और साइबर क्षमताओं का एकीकरण भविष्य में किसी भी सैन्य संकट के दौरान पाकिस्तान की निर्णय प्रक्रिया और जवाबी कार्रवाई को अधिक त्वरित तथा केंद्रीकृत बना सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. Defence Forces of Pakistan Act, 2026 कब पास हुआ?
यह कानून पाकिस्तान की संसद द्वारा 20 अगस्त 2026 को पारित किया गया।
Q2. नए कानून के तहत सबसे मुख्य पद कौन सा है?
Chief of Defence Forces (CDF) का पद तीनों सेनाओं के ऑपरेशनल कमान और नियंत्रण का सर्वोच्च पद बनाया गया है।
Q3. क्या इस कानून से CJCSC का पद समाप्त हो गया है?
हाँ, Chairman Joint Chiefs of Staff Committee (CJCSC) का पद पूरी तरह समाप्त कर CDF में विलय कर दिया गया है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक विधायी विवरणों, सार्वजनिक रक्षा विश्लेषणात्मक रिपोर्टों तथा समाचार स्रोतों के आधार पर केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।
Matribhumisamachar


