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एशियन पैरा गेम्स 2026: भारतीय खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, एक ही दिन में जीते 26 पदक; शीतल देवी बनीं स्टार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली। 

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा कायम रखते हुए गुरुवार को ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। भारतीय दल ने शानदार खेल दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर 26 पदक (7 स्वर्ण, 4 रजत और 15 कांस्य) अपने नाम किए।

इस तूफानी प्रदर्शन के बाद भारत की कुल पदक संख्या 88 पर पहुंच गई है, जिसमें 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत पदक तालिका में शीर्ष देशों को चुनौती देते हुए चौथे स्थान पर मजबूती से कायम हो गया है।

 

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शीतल देवी का डबल गोल्ड धमाका

भारत की स्टार पैरा-तीरंदाज शीतल देवी दिन की सबसे चमकीली सितारा बनकर उभरीं। शीतल ने महज दो घंटे के भीतर दो-दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया:

  1. कंपाउंड मिक्स्ड टीम: तोमन कुमार के साथ जोड़ी बनाकर शीतल ने फाइनल में इंडोनेशियाई जोड़ी को 151-148 से हराया।
  2. महिला व्यक्तिगत कंपाउंड: कड़े मुकाबले में शुरुआत में 4 अंकों से पिछड़ने के बावजूद शीतल ने जबरदस्त वापसी की और सिंगापुर की नूर स्याहिदाह अलीम को 142-139 से मात देकर दूसरा गोल्ड जीता।

यह एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में शीतल का छठा पदक है।

 

पैरा–एथलेटिक्स में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

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  • 400 मीटर T47 (महिलाएं): अंजनाबेन बंबडिया ने 59.97 सेकंड में रेस पूरी कर गोल्ड जीता। वह 1 मिनट से कम समय में यह रेस पूरी करने वाली एकमात्र धावक रहीं। इसी स्पर्धा में भारत की जयंती बेहरा (1:00.65) ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत को ‘गोल्ड-सिल्वर डबल’ दिलाया।
  • पुरुष हाई जंप T63 (क्लीन स्वीप): भारत ने तीनों पदकों पर कब्जा जमाया।
    • 🥇 शैलेश कुमार — 1.89 मीटर (नया गेम्स रिकॉर्ड)
    • 🥈 वरुण भाटी — 1.84 मीटर
    • 🥉 राहुल — 1.81 मीटर
  • धर्मराज सोलैराज: पुरुषों की T44/T62/T64 संयुक्त लंबी कूद में 7.15 मीटर की छलांग लगाकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा।
  • दिलीप महादु गावित: पुरुषों की 400 मीटर T47 दौड़ को 48.27 सेकंड में पूरा कर अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
  • सुवर्णा राज: महिलाओं की F54 डिस्कस थ्रो में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर भारत को एक और गोल्ड दिलाया।

 

तीरंदाजी, तैराकी और बैडमिंटन में अन्य बड़ी सफलताएं

  • स्वाति चौधरी: W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी में रजत पदक जीतकर इस वर्ग में भारत को पदक दिलाने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं।
  • तैजलबेन डामोर: महिलाओं की 400 मीटर T12 दृष्टिबाधित श्रेणी में 57.60 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
  • तैराकी दल: भारत को तैराकी में 4 पदक मिले — कपिल कुमार (रजत), रवि बुडिगिना (कांस्य), स्वातिक पाटिल (कांस्य), और तेजस नंदकुमार (कांस्य)।
  • पैरा–बैडमिंटन: प्रमोद भगत और नितेश कुमार ने अपने-अपने सेमीफाइनल मैच जीतकर पुरुषों की SL3 एकल स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

 

एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत की अपडेटेड पदक तालिका

पदक की श्रेणीपदकों की संख्या
🥇 स्वर्ण (Gold)21
🥈 रजत (Silver)26
🥉 कांस्य (Bronze)41
कुल (Total)88

ओवरऑल रैंकिंग: चीन 300 से अधिक पदकों के साथ शीर्ष पर है, जापान दूसरे, उज्बेकिस्तान तीसरे और भारत चौथे स्थान पर बना हुआ है।

 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत पदक तालिका में किस स्थान पर है?

उत्तर: 22 अक्टूबर तक भारत 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य समेत कुल 88 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है।

Q2: शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में गुरुवार को कितने पदक जीते?

उत्तर: शीतल देवी ने गुरुवार को दो घंटे के भीतर दो स्वर्ण पदक (कंपाउंड मिक्स्ड टीम और महिला व्यक्तिगत कंपाउंड) जीते।

Q3: पुरुषों की हाई जंप T63 स्पर्धा में किस भारतीय खिलाड़ी ने गेम्स रिकॉर्ड बनाया?

उत्तर: शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख 22 अक्टूबर 2026 तक एशियन पैरा गेम्स द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। खेलों के दौरान पदक तालिका और खिलाड़ियों के आंकड़े अगले मुकाबलों के आधार पर बदल सकते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।