
राष्ट्रपति का निमंत्रण सिनेमा, शिक्षा और ‘विकसित भारत’ में योगदान का सम्मान: सुभाष घई
फ़िल्ममेकर सुभाष घई ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले रिसेप्शन के लिए राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण प्राप्त होने पर गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।
मुंबई, जनवरी 2026: इस निमंत्रण को उन्होंने गर्व और विनम्रता का पल बताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत सफ़र का नहीं, बल्कि देश में सिनेमा और शिक्षा के राष्ट्रनिर्माण में योगदान का भी प्रतीक है।
इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए सुभाष घई ने लिखा: “मुझे कल माननीय भारत के राष्ट्रपति द्वारा 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति भवन के ‘ऐट होम’ रिसेप्शन में आमंत्रित किए जाने पर अत्यंत सम्मानित अनुभव हुआ। मैं इसे एक फ़िल्ममेकर के रूप में 50 वर्षों और एक शिक्षाविद् के रूप में 25 वर्षों के योगदान — एक विकसित भारत की दिशा में — के सम्मान के रूप में देखता हूँ। मैं अपने और अपनी टीम की ओर से आभार व्यक्त करता हूँ, जो राष्ट्रनिर्माण के प्रति अपने योगदान को जारी रखने की प्रतिज्ञा करती है। स्वयं को धन्य महसूस करता हूँ।”
पाँच दशकों तक भारतीय सिनेमा में योगदान देने और 25 वर्षों तक शिक्षा के माध्यम से रचनात्मक प्रतिभाओं को संवारने वाले सुभाष घई की यात्रा उद्देश्यपूर्ण कहानी कहने और दूरदर्शी शिक्षण की मिसाल मानी जाती है।
उनके अनुसार यह निमंत्रण केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उनकी पूरी टीम के सामूहिक समर्पण और भारत के भविष्य, संस्कृति और युवा शक्ति को आकार देने की प्रतिबद्धता का मूल्यांकन भी है।
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