नई दिल्ली, 23 मार्च 2026| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में पश्चिम एशिया (Mid-East) में जारी भीषण संघर्ष पर राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम ने इस युद्ध को दुनिया के लिए ‘चिंता का विषय’ बताते हुए आगाह किया कि इसके आर्थिक और सुरक्षा परिणाम लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा मार्गों को खुला रखना है।
🚢 हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर भारत का कड़ा रुख
पीएम मोदी ने सीधे तौर पर Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा संभावित नाकेबंदी पर चिंता जताई।
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क्यों महत्वपूर्ण है यह मार्ग? भारत के कच्चे तेल, गैस और उर्वरक (Fertilizer) आयात का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
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PM का संदेश: “हॉर्मुज मार्ग का बंद होना भारत के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा है।”
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सफलता: प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि कूटनीतिक प्रयासों के बाद इस मार्ग में फंसे कई भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
🇮🇳 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा: “ऑपरेशन घर वापसी” की अपडेट
प्रधानमंत्री ने सदन को बताया कि खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए सरकार ‘मिशन मोड’ में काम कर रही है।
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ताजा आंकड़े: युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.5 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
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एजुकेशन अपडेट: मिडिल ईस्ट में रहने वाले छात्रों के लिए CBSE कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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हेल्पलाइन: विदेश मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर रखे हैं।
🛢️ क्या भारत में होगा ईंधन का संकट? (ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ी जानकारी)
विपक्ष की आशंकाओं को दूर करते हुए पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा तैयारियों का ब्योरा पेश किया:
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विविधीकरण (Diversification): पिछले 11 वर्षों में भारत ने तेल आयात करने वाले देशों की संख्या 27 से बढ़ाकर 41 कर दी है। अब हम केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं हैं।
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50 दिनों का बैकअप: भारत के पास वर्तमान में 25 दिनों का कच्चा तेल (Crude Oil) और 25 दिनों का पेट्रोल-डीजल स्टॉक सुरक्षित है। कुल मिलाकर 50 दिनों की ‘एनर्जी बफर’ मौजूद है।
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LPG पर फोकस: भारत अपनी 60% गैस आयात करता है, लेकिन घरेलू उत्पादन बढ़ाकर सप्लाई को स्थिर रखा गया है।
🌱 इथेनॉल ब्लेंडिंग: भारत का ‘ब्रह्मास्त्र’
पीएम ने बताया कि भारत 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) अनिवार्य करने के लक्ष्य के बेहद करीब है।
“इथेनॉल ब्लेंडिंग से हमने हर साल करीब 4.5 करोड़ बैरल तेल आयात कम किया है, जिससे देश के अरबों रुपये बचे हैं और विदेशी निर्भरता घटी है।”
🧭 “शांति ही एकमात्र रास्ता”
प्रधानमंत्री ने संसद के माध्यम से वैश्विक समुदाय को संदेश दिया कि भारत न केवल शांति का पक्षधर है, बल्कि इस संकट के समय में ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बनकर उभरा है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर हुई बातचीत का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ‘नेविगेशन की स्वतंत्रता’ (Freedom of Navigation) और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निष्कर्ष: भारत इस संकट को एक अवसर में बदलते हुए अपनी आत्मनिर्भरता (विशेषकर ऊर्जा क्षेत्र में) को और मजबूत कर रहा है। सरकार की रणनीति स्पष्ट है—नागरिक पहले, देश की सुरक्षा सर्वोपरि।
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