मुंबई । मंगलवार, 23 जून 2026
महाराष्ट्र विधानसभा का महत्वपूर्ण सत्र सोमवार (22 जून 2026) से शुरू हो चुका है। सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस और जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला। इस गहमागहमी के बीच राज्य के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था, पब्लिक सिक्योरिटी और मादक पदार्थों (ड्रग्स) के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
सीएम फडणवीस के इस संबोधन में सबसे ज्यादा चर्चा नासिक के चर्चित टीसीएस (TCS) कंपनी मामले और राज्य में तेजी से पैर पसार रहे साइबर क्राइम (Cyber Crime) के डरावने आंकड़ों की रही।
नासिक TCS केस में सीएम फडणवीस का चौंकाने वाला खुलासा: SIT कर रही जांच
सदन के पटल पर नासिक के टीसीएस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक लिखित जवाब पेश किया, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
यह पूरा मामला कथित तौर पर कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिशों के गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।
9 पीड़ित और 9 अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज
मुख्यमंत्री ने लिखित विवरण देते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में अब तक कुल 9 पीड़ित सामने आ चुके हैं। इन पीड़ितों में 8 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। इन सभी लोगों ने आरोपियों पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों की शिकायतों को आधार मानते हुए पुलिस ने कुल 9 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
कोर्ट में 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
मामले में पुलिस की अब तक की कार्रवाई की प्रगति बताते हुए सीएम ने कहा कि एसआईटी (SIT) बेहद मुस्तैदी से जांच में जुटी है। इसी कड़ी में पुलिस ने 23 मई 2026 को इस मामले से जुड़े एक मुख्य मुकदमे में 1,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत के समक्ष पेश कर दी है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह चार्जशीट नासिक रोड स्थित एडिशनल सेशन एंड स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई है।
इन 4 मुख्य आरोपियों पर हुई सख्त कार्रवाई
नासिक के देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि इनमें से चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं:
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दानिश एजाज शेख
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तौसीफ बिलाल अत्तार
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निदा एजाज खान
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मतीन माजिद पटेल
कानूनी धाराएं: इन सभी आरोपियों के खिलाफ देश के नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST Act की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है।
महाराष्ट्र में बढ़ा साइबर क्राइम: अरबों रुपये की ठगी का खुलासा
नासिक मामले के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहे साइबर वित्तीय अपराधों (Cyber Financial Frauds) पर गहरी चिंता व्यक्त की। सरकार द्वारा सदन में पेश किए गए आंकड़ों ने यह साफ कर दिया कि ठगों ने आम जनता के साथ-साथ बड़े शहरों को कितनी बुरी तरह अपना निशाना बनाया है।
साल 2025 से मई 2026 तक का महा-रिकॉर्ड
सीएम द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 से लेकर मई 2026 तक की अवधि में पूरे महाराष्ट्र में साइबर ठगी के कुल 10,505 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस संगठित अपराध पर नकेल कसते हुए पुलिस ने अब तक 2,379 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
सदन में विभिन्न जिलों और शहरों के जो आंकड़े रखे गए, वे बेहद हैरान करने वाले हैं:
| जिला / शहर | समयावधि (Timeline) | दर्ज मामले (Total Cases) | ठगी गई अनुमानित राशि (Scam Amount) | कुल गिरफ्तारियां (Arrests) |
| मुंबई | वर्ष 2025 | 4,825 मामले | ₹1,031 करोड़ | 1,410 डिजिटल ठग |
| पुणे | जनवरी से मई 2026 | 536 मामले | ₹200 करोड़ | जांच जारी |
| अहिल्या नगर | 2025 से मई 2026 | 5,141 मामले | ₹37.76 करोड़ | जांच जारी |
| नागपुर | वर्ष 2025 | 136 मामले | ₹82 करोड़ | 83 अपराधी |
कानून व्यवस्था और पब्लिक सिक्योरिटी पर सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा (Public Security) को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। चाहे वह नासिक का संवेदनशील मामला हो या फिर बढ़ता हुआ साइबर स्पेस का खतरा, महाराष्ट्र पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में मादक पदार्थों (Anti-Drug Campaign) के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है।
Matribhumisamachar


