गुवाहाटी | 24 मार्च, 2026
असम विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की कोशिशें आधिकारिक तौर पर विफल हो गई हैं। नामांकन के अंतिम दिन (23 मार्च) तक चली खींचतान के बाद अब यह साफ हो गया है कि झामुमो असम की 21 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगा।
गठबंधन टूटने की असली वजह: सीटों का पेंच
झारखंड के वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण किशोर ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने झामुमो को 7 सीटों का प्रस्ताव दिया था, जबकि झामुमो की मांग 25 से अधिक सीटों की थी।
कांग्रेस का तर्क था कि वह उन सीटों को नहीं छोड़ सकती जहाँ उसके उम्मीदवार पहले से मजबूत हैं। दूसरी ओर, झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडे ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती और असम के 70 लाख चाय बागान श्रमिकों (जो मूल रूप से झारखंडी आदिवासी हैं) के बीच अपनी स्वतंत्र पहचान बनाना चाहती है।
झारखंड की राजनीति: matribhumisamachar.com/jharkhand-politics-hemant-soren-updates
आदिवासी वोटों का गणित: किसे होगा नुकसान?
असम के चुनावी समीकरणों में आदिवासी और ‘टी-ट्राइब्स’ निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस को डर है कि वोटों का यह बिखराव सीधे तौर पर भाजपा (BJP) को बढ़त दिला सकता है।
-
प्रभावित क्षेत्र: माजुली, विश्वनाथ, डूमडूमा और तिनसुकिया जैसे क्षेत्रों में झारखंडी मूल के मतदाताओं की भारी संख्या है।
-
उम्मीदवारों की घोषणा: झामुमो ने प्रीति रेखा बरला (मजबत), अमित नाग (खुमटाई) और प्रताप सिंह रोंगफर (बोकाजन-ST) जैसे मजबूत चेहरों को उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
असम चुनाव कवरेज: matribhumisamachar.com/assam-assembly-election-2026-ground-report
ऐतिहासिक रिश्तों में आई दरार
राधाकृष्ण किशोर ने 1980 के उस दौर को याद किया जब इंदिरा गांधी और शिबू सोरेन ने एक साथ मिलकर राजनीति की नई दिशा तय की थी। लेकिन 2026 के इस चुनाव में, हेमंत सोरेन की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती महत्वाकांक्षा और कांग्रेस की क्षेत्रीय मजबूरियों ने इस ‘पुराने साथ’ के बीच दीवार खड़ी कर दी है।
आदिवासी अधिकार और मुद्दे: matribhumisamachar.com/tribal-rights-and-tea-garden-labourers-news
एक नज़र में: असम चुनाव 2026 के मुख्य बिंदु
| विवरण | स्थिति |
| झामुमो के कुल उम्मीदवार | 21 |
| कांग्रेस का मुख्य गठबंधन | रायजोर दल (अखिल गोगोई) और अन्य 5 दल |
| मतदान की तारीख | 9 अप्रैल, 2026 |
| नतीजे | 4 मई, 2026 |
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आदिवासी वोट बैंक में 10% की भी सेंधमारी होती है, तो कम से कम 15 सीटों पर कांग्रेस के समीकरण बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह है कि ‘अबूआ डिशोम’ का नारा असम की धरती पर कितना असर दिखाता है।
Matribhumisamachar


