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FSSAI का बड़ा फैसला: अब ‘नकली’ पनीर को ‘Paneer’ नाम से बेचना होगा गैरकानूनी, जानें नए ड्राफ्ट नियम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
7 Min Read

मुंबई ।

यदि आप भी बाजार, होटल या रेस्तरां में मिलने वाले पनीर के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डेयरी उत्पादों और उनके विकल्पों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। FSSAI ने एनालॉग पनीर (Analogue Paneer) की पहचान स्पष्ट करने और उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को यह साफ-साफ बताना है कि जो उत्पाद वे खरीद रहे हैं, वह असली दूध से बना शुद्ध पनीर है या फिर वनस्पति तेल, स्टार्च व अन्य गैर-डेयरी सामग्रियों से तैयार किया गया कोई विकल्प (Analogue)।

1. ‘Paneer’ शब्द के इस्तेमाल पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध

FSSAI द्वारा जारी प्रस्तावित ड्राफ्ट के अनुसार, जिन उत्पादों को बनाने में दूध या उससे प्राप्त घटकों की जगह Vegetable Fat, Vegetable Oil, Starch या अन्य गैर-डेयरी (Non-Dairy) सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें “Paneer” नाम से बेचना या प्रचारित करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

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  • लाइसेंस धारकों पर प्रभाव: जिन खाद्य कारोबारियों या कंपनियों के पास पहले से “Analogue in Dairy Context” श्रेणी के तहत FSSAI का लाइसेंस या पंजीकरण है, उन्हें भी नियम अंतिम रूप से लागू होने के बाद अपने ब्रांड नाम, पैकिंग, लेबल और मार्केटिंग सामग्री से ‘Paneer’ शब्द हटाना अनिवार्य होगा।

2. पैकेट के लेबल पर देनी होगी ये स्पष्ट जानकारी

नियमों के अंतिम रूप से लागू होने पर एनालॉग उत्पादों के निर्माताओं को अपनी पैकेजिंग पर बेहद स्पष्ट भाषा में जानकारी देनी होगी, ताकि आम उपभोक्ता पहली नज़र में ही सच्चाई समझ सके:

  1. स्पष्ट घोषणा: पैकेट पर साफ अक्षरों में लिखा होना चाहिए कि “यह उत्पाद Dairy Paneer नहीं है“।
  2. प्रकृति का उल्लेख: उत्पाद की वास्तविक प्रकृति को “Analogue” या “Non-Dairy Product” के रूप में स्पष्ट किया जाए।
  3. सामग्री की सूची (Ingredients List): यदि दूध के फैट या प्रोटीन की जगह Vegetable Oil, Fat या Starch का इस्तेमाल हुआ है, तो उसे इंग्रीडिएंट्स लिस्ट में प्रमुखता से दिखाना होगा।
  4. भ्रामक डिज़ाइन पर रोक: पैकेट की डिज़ाइन, रंग या चित्र ऐसे नहीं होने चाहिए जो किसी ग्राहक को धोखा दें या उसे असली दूध से बना पनीर समझ आए।

 

3. रेस्तरां, होटल और कैटरिंग के लिए नए नियम

यह बदलाव केवल किराना दुकानों या सुपरमार्केट के पैकेट्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी पड़ेगा:

  • मेन्यू कार्ड में पारदर्शिता: यदि कोई होटल, रेस्तरां या कैटरिंग प्रतिष्ठान अपनी डिश (जैसे मलाई पनीर, कढ़ाई पनीर आदि) में असली पनीर की जगह एनालॉग/नॉन-डेयरी पनीर का इस्तेमाल करता है, तो उसे ग्राहकों को इसकी जानकारी देनी होगी।
  • बदलाव का उदाहरण: केवल “Kadhai Paneer” लिखने के बजाय मेन्यू में उसकी असली प्रकृति (Non-Dairy / Analogue) को स्पष्ट रूप से लिखना या मार्क करना अनिवार्य होगा।

असली Paneer और Analogue Paneer में मुख्य अंतर

तुलनात्मक पहलूअसली Paneer (Real Dairy Paneer)एनालॉग उत्पाद (Analogue Product)
मुख्य घटक (Base)100% दूध या दूध से प्राप्त घटकगैर-डेयरी सामग्री (वनस्पति तेल, स्टार्च आदि)
Vegetable Oil / Fatपूरी तरह वर्जितमुख्य घटक के रूप में इस्तेमाल संभव
Starch का उपयोगइस्तेमाल नहीं होताबाइंडिंग और टेक्सचर के लिए इस्तेमाल संभव
वैधानिक नाम (Nomenclature)PaneerPaneer शब्द प्रतिबंधित (अन्य नाम अनिवार्य)
उपभोक्ता पहचानशुद्ध डेयरी उत्पादNon-Dairy / Synthetic Alternative

 

क्या यह नियम अभी तुरंत लागू हो गया है?

नहीं। FSSAI द्वारा जारी यह दस्तावेज़ फिलहाल एक ड्राफ्ट रेगुलेशन (Draft Regulation) है।

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FSSAI ने इस प्रस्ताव पर आम जनता, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और हितधारकों से आपत्तियां व सुझाव (Objections and Suggestions) आमंत्रित किए हैं। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने और प्राप्त सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप से अधिसूचित (Final Notification) करके पूरे देश में लागू किया जाएगा।

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खाद्य सुरक्षा, एफएसएसएआई (FSSAI) के नए दिशा-निर्देशों और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी अधिक अपडेट्स के लिए आप हमारे प्रमुख न्यूज़ पोर्टल पर पढ़ सकते हैं:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: एनालॉग पनीर (Analogue Paneer) क्या होता है?

उत्तर: एनालॉग पनीर एक ऐसा उत्पाद है जो दिखने और छूने में पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसे दूध के फैट/प्रोटीन के बजाय वनस्पति तेल (Vegetable Fat), स्टार्च और अन्य गैर-डेयरी सामग्रियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है।

Q2: FSSAI यह नया ड्राफ्ट नियम क्यों ला रहा है?

उत्तर: बाजार में असली पनीर और सस्ते विकल्पों के बीच उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और खाद्य पदार्थों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह नियम लाया जा रहा है।

Q3: क्या होटल में मिलने वाली पनीर डिश का नाम भी बदल जाएगा?

उत्तर: यदि होटल या रेस्तरां असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर का उपयोग करता है, तो उसे मेन्यू कार्ड पर स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि डिश में गैर-डेयरी/एनालॉग घटक शामिल हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख FSSAI द्वारा जारी किए गए हालिया ड्राफ्ट प्रस्तावों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों के आधार पर केवल उपभोक्ता जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह अभी एक प्रस्तावित ड्राफ्ट है, जिसे अंतिम समीक्षा और सुझावों के बाद ही FSSAI द्वारा औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।