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बदलती ठंड में वायरल बीमारियों का कहर: बुजुर्ग ऐसे रखें अपना ख्याल, अपनाएं ये जरूरी उपाय

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इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अदरक, तुलसी और हल्दी वाला आयुर्वेदिक काढ़ा

नई दिल्ली. जनवरी के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिन में धूप और रात-सुबह की ठिठुरन ने ‘सीजनल इन्फ्लूएंजा’ और ‘वायरल फीवर’ के लिए अनुकूल वातावरण बना दिया है। ऐसे में मातृभूमि समाचार आपके लिए लेकर आया है एक विशेष गाइड।

1. वायरल बीमारियों के प्रमुख लक्षण

बदलते मौसम में होने वाले संक्रमण को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसके मुख्य लक्षण हैं:

    • लगातार तेज बुखार और शरीर में टूटन।

    • सूखी खांसी, गले में खराश और बहती नाक।

    • सिरदर्द और आंखों में जलन।

    • अत्यधिक थकान और भूख न लगना।

2. बुजुर्गों के लिए बढ़ता जोखिम: क्यों रहें सावधान?

60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम होने के कारण वायरस तेजी से हमला करता है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं, जिससे बीपी बढ़ना और दिल पर दबाव पड़ना आम है।

सावधानी के उपाय:

  • परतदार कपड़े (Layering): एक भारी कपड़े की जगह 2-3 पतले ऊनी कपड़े पहनें। इससे शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती।

  • गर्म तासीर का भोजन: आहार में अदरक, तुलसी, लहसुन और हल्दी वाला दूध शामिल करें।

  • धूप का सेवन: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच की धूप विटामिन-D के लिए अनिवार्य है।

  • गुनगुना पानी: बुजुर्गों को प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन भर गुनगुना पानी पीते रहें।

3. बचाव के रामबाण तरीके (Prevention Guide)

श्रेणी क्या करें क्या न करें
आहार ताजे फल, हरी सब्जियां और सूप लें। बासी खाना और फ्रिज का ठंडा पानी/जूस न लें।
स्वच्छता समय-समय पर हाथ धोएं और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के न जाएं।
दिनचर्या प्राणायाम और हल्की एक्सरसाइज घर के अंदर ही करें। तड़के सुबह या देर रात सैर (Walk) पर न निकलें।

4. आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे

  • तुलसी-अदरक का काढ़ा: दिन में दो बार आधा कप काढ़ा पीने से श्वसन तंत्र (Respiratory system) मजबूत होता है।

  • स्टीम (भाप) लेना: नाक और गले के संक्रमण को रोकने के लिए सादे पानी की भाप लें।

  • नमक के गरारे: गले में खराश महसूस होते ही सेंधा नमक डालकर गरारे शुरू करें।

डॉक्टर की सलाह कब लें?

यदि बुखार 101°F से ऊपर बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो या सीने में दर्द महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। स्वयं दवा (Self-medication) लेने से बचें, खासकर एंटीबायोटिक्स बिना डॉक्टरी पर्चे के न लें।

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