लखनऊ. 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस का दिन न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की विविध संस्कृति और स्वाद के संगम का भी दिन है। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) की तर्ज पर अब ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ की चर्चा भी जोरों पर है।
इस गणतंत्र दिवस की छुट्टियों में, यदि आप तिरंगे के रंगों के साथ यूपी के स्थानीय स्वादों का आनंद लेना चाहते हैं, तो यहाँ कुछ खास व्यंजनों की सूची और उनके जिलों की जानकारी दी गई है जिन्हें आप आसानी से घर पर बना सकते हैं।
1. आगरा का मशहूर ‘पेठा’ और बेड़ई-कचौड़ी
आगरा केवल ताजमहल के लिए नहीं, बल्कि अपने पेठे और सुबह के नाश्ते ‘बेड़ई’ के लिए प्रसिद्ध है।
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घर पर कैसे बनाएं: आप घर पर उड़द की दाल भरी खस्ता कचौड़ी (बेड़ई) और आलू की तीखी सब्जी बना सकते हैं। यह छुट्टी की सुबह के लिए एक बेहतरीन देसी नाश्ता है।
2. मथुरा का ‘पेड़ा’ और रबड़ी
ब्रज की धरती का स्वाद हर उत्सव को मीठा बना देता है। 26 जनवरी पर बच्चों के लिए घर पर शुद्ध खोये के पेड़े बनाना एक स्वस्थ विकल्प है।
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टिप: चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल कर इसे और भी पौष्टिक बनाया जा सकता है।
3. कन्नौज का ‘गुलकंद’ और इत्र जैसा स्वाद
कन्नौज अपनी खुशबू के लिए जाना जाता है। यहाँ का गुलकंद प्रसिद्ध है। गणतंत्र दिवस पर आप गुलकंद भरी मीठी पूरियां या खीर बना सकते हैं।
4. बनारस (वाराणसी) की ‘मलइयो’ और कचोरी-जलेबी
ठंड के मौसम में बनारस की ‘मलइयो’ (दूध के झाग से बना मीठा व्यंजन) अमृत समान मानी जाती है।
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तिरंगा टच: केसरिया मलाई, सफेद मलाई और पिस्ते की कतरन से सजाकर इसे गणतंत्र दिवस की थीम पर परोसें।
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के प्रसिद्ध व्यंजन (ODOP List)
| जिला | प्रसिद्ध व्यंजन | घर पर बनाने का सुझाव |
| अयोध्या | हनुमानगढ़ी के लड्डू | बेसन के शुद्ध घी वाले लड्डू |
| बरेली | सीख कबाब | घर पर वेज या नॉन-वेज कबाब |
| प्रयागराज | सुरखा अमरूद और चाट | अमरूद की तीखी-मीठी चाट |
| गोरखपुर | टेराकोटा जैसा सोंधापन (गुड़) | गुड़ की खीर या पीठा |
गणतंत्र दिवस पर ‘तिरंगा’ व्यंजन बनाने के टिप्स:
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केसरिया रंग: केसर या गाजर के रस का उपयोग करें।
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सफेद रंग: चावल, पनीर, नारियल या दूध की मलाई का प्रयोग करें।
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हरा रंग: पालक की प्यूरी, पुदीना या हरे धनिये की चटनी का इस्तेमाल करें।
इस गणतंत्र दिवस पर बाहर जाने के बजाय, उत्तर प्रदेश के इन पारंपरिक स्वादों को अपने किचन में जगह दें। यह न केवल वोकल फॉर लोकल (Vocal for Local) को बढ़ावा देगा, बल्कि परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद भी दोगुना कर देगा।
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