कानपुर. उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी और कृषि व्यापार के प्रमुख केंद्र कानपुर की चाकरपुर गल्ला मंडी समेत अन्य थोक बाजारों में आज व्यापारिक गतिविधियों में खासी तेजी देखी गई। फरवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम के बदलते मिजाज और मांग-आपूर्ति के समीकरणों के चलते अनाज और तिलहन की कीमतों में ‘मिक्स ट्रेंड’ देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर गेहूं, सरसों और चना के भावों में मजबूती दर्ज की गई है, वहीं आलू, मक्का और धान की कीमतें फिलहाल एक सीमित दायरे (Range-bound) में कारोबार कर रही हैं।
📈 बाजार विश्लेषण: क्यों बढ़ रहे हैं फसलों के दाम?
मंडी के अनुभवी व्यापारियों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय बाजार की तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
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क्वालिटी गेहूं की मांग: आटा मिलों और निर्यातकों द्वारा बेहतर गुणवत्ता वाले RR-21 और फार्म गेहूं की मांग में अचानक बढ़ोतरी हुई है। बाजार में स्टॉक कम होने और नई फसल के आने में अभी समय होने के कारण कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
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तेल मिलों की सक्रियता: सरसों के तेल की मांग घरेलू बाजार में स्थिर बनी हुई है, जिसके कारण तेल मिलें ₹7,000 प्रति क्विंटल के स्तर पर भी आक्रामक खरीदारी कर रही हैं।
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चना में आवक का संकट: मंडियों में चने की आवक (Arrival) उम्मीद से काफी कम है। स्टॉकहोल्डर्स द्वारा माल रोकने और दाल मिलों की मांग बढ़ने से चना अब ₹10,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने की ओर अग्रसर है।
📊 कानपुर अनाज मंडी भाव सूची (25 फरवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में कानपुर मंडी के औसत, न्यूनतम और उच्चतम भावों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
| अनाज / कमोडिटी | न्यूनतम भाव (₹/कुंतल) | उच्चतम भाव (₹/कुंतल) | औसत भाव (₹/कुंतल) | बाजार रुख |
| गेहूं (दड़ा) | ₹2,350 | ₹2,500 | ₹2,450 | 🔼 तेजी |
| गेहूं (RR-21) | ₹2,600 | ₹2,650 | ₹2,625 | 🔼 सुधार |
| गेहूं (फार्म) | ₹2,700 | ₹2,725 | ₹2,710 | 🔼 मजबूती |
| सरसों (Black) | ₹6,800 | ₹7,020 | ₹6,970 | 🔼 स्थिर/तेज |
| धान (Common) | ₹2,000 | ₹2,100 | ₹2,050 | ↔️ स्थिर |
| मक्का | ₹1,800 | ₹1,900 | ₹1,850 | ↔️ सीमित दायरा |
| चना | ₹9,600 | ₹9,900 | ₹9,750 | 🔼 भारी तेजी |
| आलू | ₹600 | ₹700 | ₹650 | 🔽 मंदी/स्थिर |
💡 कमोडिटी वार विस्तृत रिपोर्ट
गेहूं: फार्म और RR-21 की धाक
आज मंडी में गेहूं की दड़ा क्वालिटी ₹2,450 के औसत भाव पर बिकी, जबकि प्रीमियम क्वालिटी के गेहूं (फार्म) ने ₹2,725 का उच्चतम स्तर छुआ। व्यापारियों का मानना है कि आने वाले 10-15 दिनों तक भावों में ₹50 से ₹100 की और तेजी संभव है।
सरसों और तिलहन: ₹7,000 का स्तर बरकरार
काली सरसों के भाव ₹7,020 तक जा पहुंचे हैं। तेल मिलों की निरंतर मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में अस्थिरता का असर स्थानीय मंडियों पर साफ दिख रहा है।
सब्जी मंडी (आलू): आवक का दबाव
शीतगृहों (Cold Storages) से निकलने वाले और नई फसल के दबाव के कारण आलू के भाव ₹600 से ₹700 के बीच बने हुए हैं। जब तक निर्यात के ऑर्डर नहीं बढ़ते, आलू की कीमतों में बड़ी तेजी की उम्मीद कम है।
🔮 आगे कैसा रहेगा बाजार का मिजाज? (Expert Opinion)
मंडी विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि:
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चना: चने में वर्तमान मांग को देखते हुए कीमतें ₹10,000 के पार जा सकती हैं।
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धान व मक्का: इन फसलों में फिलहाल किसी बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत नहीं हैं। यह एक स्थिर रेंज में बने रहेंगे।
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सावधानी: किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की कीमतों पर नजर रखें और धीरे-धीरे अपना माल निकालें, क्योंकि मार्च के मध्य में नई फसलों की आवक शुरू होने पर कीमतों में सुधार या बदलाव संभव है।
अस्वीकरण (Disclaimer): ऊपर दिए गए मंडी भाव विभिन्न स्रोतों और व्यापारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। बाजार में कीमतों में हर घंटे बदलाव संभव है। कृपया कोई भी बड़ा व्यापारिक निर्णय लेने से पहले संबंधित मंडी समिति या विश्वसनीय आढ़तियों से संपर्क करें।
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