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उज्जैन: शादी की खुशियां मातम में बदली, जेवर-नकदी लेकर युवती लापता; परिजनों ने ‘महफूज’ पर लगाया अपहरण का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

भोपाल | शनिवार,  25 अप्रैल 2026

उज्जैन के पंवासा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक घर में जहाँ 1 तारीख को होने वाली शादी की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थीं और मेहमानों को निमंत्रण पत्र बांटे जा चुके थे, वहीं ऐन वक्त पर दुल्हन बनने वाली युवती अचानक लापता हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाके का ही एक युवक, महफूज उर्फ मोनू, उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है।

क्या है पूरा मामला?

परिजनों ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचकर अपनी व्यथा सुनाई। युवती के पिता के अनुसार, उनकी बेटी की शादी आगामी 1 तारीख को होनी तय थी। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, लेकिन इसी बीच आरोपी महफूज ने उनकी खुशियों में खलल डाल दिया। परिजनों का दावा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की वारदात कर चुका है और हाल ही में जेल से छूटकर आया था।

बड़ी चोरी और धमकी का आरोप

परिवार ने केवल अपहरण ही नहीं, बल्कि लूट का भी आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार:

  • युवती अपने साथ घर से करीब 1.5 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर ले गई है।

  • घर में रखी कुछ नकदी भी गायब है।

  • परिजनों ने पुलिस को इन जेवरों के पक्के बिल भी सौंपे हैं।

  • आरोप है कि आरोपी युवक और उसके साथी परिवार को लगातार धमकियाँ दे रहे हैं।

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पुलिस की कार्रवाई

पंवासा पुलिस ने मामले की गंभीरता और शादी की तारीख को देखते हुए तुरंत अपहरण (Kidnapping) का मामला दर्ज किया है।

  • जांच टीम: पुलिस अधिकारी पुष्पा प्रजापति के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं।

  • तकनीकी साक्ष्य: पुलिस युवती और आरोपी की तलाश के लिए मोबाइल टॉवर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

  • पुराना रिकॉर्ड: आरोपी महफूज के पुराने आपराधिक इतिहास को भी फाइल में शामिल किया गया है ताकि उस पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

नोट : सोशल मीडिया पर चल रही कुछ अपुष्ट खबरों में इसे केवल ‘प्रेम प्रसंग’ बताया जा रहा है, जबकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह अपहरण (Section 363/366) और चोरी का मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि युवती अपने साथ कीमती सामान लेकर गई है और आरोपी का आपराधिक इतिहास है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।