नई दिल्ली | रविवार, 26 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक व राजनीतिक घटनाक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की औपचारिक मंजूरी दे दी है।
प्रह्लाद जोशी वर्तमान में केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व संभाल रहे हैं। अब इन महत्वपूर्ण विभागों के साथ-साथ देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की कमान भी उन्हीं के हाथों में होगी।
क्यों बदला शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व?
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हालिया NEET-UG परीक्षा विवाद और उससे उपजे देशव्यापी छात्र आंदोलनों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को धरातल पर उतारने और डिजिटल शिक्षा के विस्तार के लिए कई दूरगामी कदम उठाए गए थे।
हालांकि, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग और छात्रों के असंतोष को देखते हुए उन्होंने पद छोड़ना ही उचित समझा। सरकार के इस फैसले से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों को राहत और एक नई उम्मीद मिली है।
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर और अनुभव
कर्नाटक के धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र से लगातार 5 बार (2004 से लगातार) लोकसभा सांसद चुने जाने वाले प्रह्लाद जोशी संगठन और सरकार दोनों में ही काफी अनुभवी माने जाते हैं।
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उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला एवं खान मंत्री के रूप में 2019 से 2024 तक सफलतापूर्वक काम किया।
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में वे देश के 500 GW स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य (2030) और नेट-जीरो मिशन (2070) की रीढ़ रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र सहयोगियों में गिने जाने वाले जोशी प्रशासनिक दक्षता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
नए शिक्षा मंत्री के सामने मुख्य चुनौतियाँ और प्राथमिकताएँ
नवनियुक्त शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी के सामने कई महत्वपूर्ण लक्ष्य और चुनौतियाँ होंगी:
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परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन की प्रक्रिया को तेज करना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ा अंकुश लगाना।
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NEP 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन: प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को राज्यों के सहयोग से गति देना।
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डिजिटल शिक्षा और नवाचार: दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कक्षाओं का विस्तार करना तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देना।
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कौशल विकास: स्कूली शिक्षा को वोकेशनल ट्रेनिंग (व्यावसायिक कौशल) से जोड़ना ताकि युवाओं को रोज़गारपरक शिक्षा मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: भारत के नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री कौन हैं?
उत्तर: कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को भारत का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है।
Q2: प्रह्लाद जोशी के पास और कौन-कौन से मंत्रालय हैं?
उत्तर: शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त प्रह्लाद जोशी के पास ‘उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण’ तथा ‘नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा’ मंत्रालय का प्रभार भी है।
Q3: धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
उत्तर: धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्र आंदोलनों के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध आधिकारिक अधिसूचनाओं, प्रेस विज्ञप्तियों एवं मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर पाठकों की जानकारी हेतु तैयार की गई है। नवीनतम और आधिकारिक जानकारियों के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (education.gov.in) पर अवश्य जाएं।
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