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लंबे संघर्ष के बाद नन्हुआपुर में स्थापित हुई सरदार पटेल की प्रतिमा, पूर्व प्रधान रामसनेही कटियार का हुआ सम्मान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

कानपुर देहात|

कानपुर देहात के ग्राम नन्हुआपुर (गौरीकरन) में वर्षों के इंतजार और लंबे सामाजिक संघर्ष के बाद आखिरकार लौह पुरुष एवं राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा की स्थापना संपन्न हो गई। इस ऐतिहासिक क्षण से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में हर्ष एवं गौरव का माहौल है।

इस प्रतिमा की स्थापना का मुख्य श्रेय गांव के पूर्व प्रधान रामसनेही कटियार को जाता है, जिनके अथक प्रयासों, मजबूत इरादों और निरंतर संघर्ष के चलते यह कार्य संभव हो पाया है।

 

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सरदार सेना ने ग्राम नन्हुआपुर पहुंचकर किया अभिनंदन

प्रतिमा स्थापना की सूचना मिलने के बाद सरदार सेना, कानपुर नगर इकाई की एक विशेष प्रतिनिधि टीम ग्राम नन्हुआपुर पहुंची। टीम ने पूर्व प्रधान रामसनेही कटियार का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया और इस अनुकरणीय पहल के लिए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

सरदार सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि महापुरुषों के विचार और उनकी प्रतिमाएं समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं। रामसनेही कटियार का यह प्रयास न केवल नन्हुआपुर बल्कि पूरे जिले के लिए एक मिसाल है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति

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इस अभिनंदन और सम्मान समारोह के दौरान क्षेत्र की कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक व विधिक हस्तियां उपस्थित रहीं:

  • बी.डी. सचान (पूर्व जिला अध्यक्ष, सरदार सेना)
  • राजेंद्र प्रसाद वर्मा एडवोकेट (जिलाध्यक्ष, विधिक सेल)
  • अवधेश कटियार (प्रत्याशी, स्नातक एमएलसी चुनाव)
  • सुदामा प्रसाद अकेला (वरिष्ठ समाजसेवी)
  • वीरेंद्र सचान एडवोकेट (उपाध्यक्ष प्रत्याशी, दि लायर्स एसोसिएशन, कानपुर नगर)
  • विनोद सचान एडवोकेट (उपाध्यक्ष, सेल टैक्स बार एसोसिएशन)
  • जयप्रकाश पटेल (पूर्व आमीन)
  • सुबोध पटेल (जिला सचिव, सरदार सेना, कानपुर नगर)

 

सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश

उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से अधिक देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत का निर्माण किया था। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा स्थापित करना समाज में देशभक्ति, सामाजिक चेतना और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। ग्रामीणों ने इस पहल को भावी पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. सरदार पटेल की प्रतिमा कानपुर देहात के किस गांव में स्थापित की गई है?

उत्तर: यह प्रतिमा कानपुर देहात के ग्राम नन्हुआपुर (गौरीकरन) में स्थापित की गई है।

Q2. प्रतिमा स्थापना में मुख्य भूमिका किसकी रही?

उत्तर: ग्राम नन्हुआपुर के पूर्व प्रधान रामसनेही कटियार के निरंतर संघर्ष और प्रयासों से यह प्रतिमा स्थापित हुई है।

Q3. रामसनेही कटियार का सम्मान किस संगठन ने किया?

उत्तर: सरदार सेना, कानपुर नगर इकाई की टीम ने गांव पहुंचकर रामसनेही कटियार का अभिनंदन किया।

 

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अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति/समाचार सूचना के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल जनसामान्य तक सामाजिक व क्षेत्रीय समाचार पहुंचाना है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।