ग्रीन हाइड्रोजन, स्मार्ट ग्रिड और भविष्य की ऊर्जा नीति पर बड़ा संदेश
गोवा। भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मंच बने इंडिया एनर्जी वीक 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के माध्यम से भारत ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया कि देश अब केवल ऊर्जा उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि भारत अब “डिजिटल इंडिया” से आगे बढ़कर “इंटेलिजेंट इंडिया” की ओर कदम रख चुका है, जहाँ तकनीक, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की बुनियाद बनेंगे।
चार दिवसीय इस आयोजन में देश-विदेश से नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज, निवेशक, वैज्ञानिक और ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल हुए। पारंपरिक तेल-गैस क्षेत्र के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, बायोफ्यूल, कार्बन कैप्चर, डिजिटलाइजेशन और AI आधारित ऊर्जा प्रबंधन जैसे विषय इस बार केंद्र में रहे।
प्रधानमंत्री का संदेश: अवसरों की भूमि बना भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत आज वैश्विक निवेश के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश के अवसर मौजूद हैं और भारत इस निवेश को सुरक्षित, पारदर्शी और दीर्घकालिक बनाने के लिए नीतिगत सुधार कर रहा है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऊर्जा केवल अर्थव्यवस्था का इंजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का आधार भी है। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत का लक्ष्य सिर्फ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जो सतत (सस्टेनेबल), समावेशी और तकनीक-संचालित हो।
‘डिजिटल इंडिया’ से ‘इंटेलिजेंट इंडिया’ की ओर
इस बार इंडिया एनर्जी वीक की सबसे बड़ी खासियत रही डिजिटलाइजेशन और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर विशेष फोकस। सम्मेलन में स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी, रियल-टाइम एनालिटिक्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और AI आधारित ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र अब सिर्फ डिजिटल नहीं, बल्कि इंटेलिजेंट सिस्टम्स की ओर बढ़ रहा है — जहाँ डेटा, AI और ऑटोमेशन के ज़रिए बिजली आपूर्ति, मांग प्रबंधन और ग्रिड संचालन को अधिक कुशल बनाया जाएगा। यही सोच “डिजिटल इंडिया से इंटेलिजेंट इंडिया” की अवधारणा को दर्शाती है।
ग्रीन हाइड्रोजन: भविष्य की ऊर्जा का आधार
इंडिया एनर्जी वीक 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण रहा ग्रीन हाइड्रोजन ज़ोन। यहाँ हाइड्रोजन उत्पादन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और औद्योगिक उपयोग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
भारत सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य की ऊर्जा नीति का मुख्य स्तंभ मान रही है। इसका उद्देश्य केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन नहीं, बल्कि:
- उद्योगों में कार्बन उत्सर्जन घटाना
- ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करना
- भारत को वैश्विक ग्रीन एनर्जी एक्सपोर्ट हब बनाना
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर भारत बड़े पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात ढांचा विकसित करता है, तो यह देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा तीनों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
निवेश, नीति और वैश्विक भागीदारी
सम्मेलन में सरकार की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र निवेश-अनुकूल नीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है। हाल के वर्षों में नियमों और कानूनों में किए गए सुधारों का उद्देश्य है:
- विदेशी निवेश आकर्षित करना
- तकनीक ट्रांसफर को बढ़ावा देना
- निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करना
इंडिया एनर्जी वीक के मंच पर कई देशों और कंपनियों के बीच साझेदारी (Partnerships) और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। यह आयोजन भारत को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करता है, जहाँ वैश्विक ऊर्जा समाधान तैयार किए जा सकते हैं।
चुनौतियाँ भी कम नहीं
जहाँ एक ओर अवसरों की बड़ी तस्वीर दिखी, वहीं चुनौतियाँ भी स्पष्ट रहीं:
- बड़े पैमाने पर निवेश के लिए विशाल पूंजी की आवश्यकता
- ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ विकास
- तकनीकी कौशल की कमी
- साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा के जोखिम
- पारंपरिक ऊर्जा से स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँ
विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए केवल नीति नहीं, बल्कि समन्वित योजना, शिक्षा, कौशल विकास और मजबूत संस्थागत ढांचा भी जरूरी है।
भारत की नई ऊर्जा पहचान
इंडिया एनर्जी वीक 2026 ने यह साफ कर दिया कि भारत अब केवल ऊर्जा उपभोक्ता देश नहीं, बल्कि ऊर्जा निर्माता, नवाचारकर्ता और वैश्विक भागीदार बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
ग्रीन हाइड्रोजन, स्मार्ट ग्रिड, AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और निवेश आधारित मॉडल भारत को एक नई ऊर्जा पहचान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश स्पष्ट है —
“भारत का भविष्य स्वच्छ, स्मार्ट और आत्मनिर्भर ऊर्जा पर आधारित होगा।”
इसी सोच के साथ इंडिया एनर्जी वीक 2026 को न केवल एक सम्मेलन, बल्कि भारत की ऊर्जा क्रांति का रोडमैप माना जा रहा है।
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