शनिवार, मार्च 28 2026 | 01:18:03 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / GST Scam: 200 करोड़ की टैक्स चोरी का ‘मास्टरमाइंड’ अहमदाबाद से गिरफ्तार, UP STF ने ऐसे बिछाया जाल

GST Scam: 200 करोड़ की टैक्स चोरी का ‘मास्टरमाइंड’ अहमदाबाद से गिरफ्तार, UP STF ने ऐसे बिछाया जाल

Follow us on:

लखनऊ | 27 मार्च, 2026 उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए जीएसटी चोरी के एक विशाल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की टीम ने गुजरात के अहमदाबाद में छापेमारी कर मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला को दबोच लिया है, जो करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व घाटे वाले गिरोह का मुख्य चेहरा माना जा रहा है।

📱 डिजिटल सुरागों ने खोला राज

एसटीएफ ने गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से उच्च तकनीक वाले उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • लैपटॉप और पेन ड्राइव: जिनमें सैकड़ों फर्जी फर्मों का डेटा मौजूद है।

  • दो स्मार्टफोन्स: जिनसे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और संदिग्ध व्हाट्सएप चैट्स के सुराग मिले हैं।

  • भारी नकदी: जो अवैध लेनदेन का हिस्सा मानी जा रही है।

🏛️ अलीगढ़ से शुरू हुई थी जांच की कड़ी

इस पूरे घोटाले का केंद्र अलीगढ़ की एक कागजी फर्म ‘जय श्रीराम एंटरप्राइजेज’ बनी। जांच में सामने आया कि इस फर्म ने उन कंपनियों से माल खरीदना दिखाया था जो पिछले एक साल से बंद पड़ी थीं। महज कागजों पर 66.34 करोड़ की बिक्री दिखाकर करीब 12.37 करोड़ रुपये का अवैध ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) हड़पा गया था। जब एसटीएफ ने इसकी गहराई से जांच की, तो परतें खुलती गईं और यह 200 करोड़ के महाघोटाले में बदल गया।

🛠️ कैसे काम करता था यह ‘फर्जीवाड़े का सिंडिकेट’?

एसटीएफ के अनुसार, इस गिरोह के काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिराना था:

  1. डमी डायरेक्टर्स की भर्ती: गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों को मामूली कमीशन का लालच देकर उनके आधार और पैन कार्ड लिए जाते थे।

  2. शेल कंपनियों का जाल: इन दस्तावेजों पर गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और यूपी में सैकड़ों फर्जी कंपनियां रजिस्टर की गईं।

  3. बिना माल के ई-वे बिल: माल की कोई फिजिकल आवाजाही नहीं होती थी, सिर्फ जीएसटी पोर्टल पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल अपलोड किए जाते थे।

  4. ब्लैक मनी को व्हाइट करना: बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवाकर कमीशन काटकर नकद वापस कर दिया जाता था।

🕵️ रडार पर ‘व्हाइट कॉलर’ अपराधी

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस खेल में कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी अल्ताफ का साथी आकाश पीयूष सोनी (CA) फिलहाल पुलिस की रडार पर है। एसटीएफ अब उन “असली कारोबारियों” की सूची तैयार कर रही है जिन्होंने इन फर्जी फर्मों से बिल खरीदकर सरकार को चूना लगाया है।

⚖️ आगे क्या?

आरोपी को अहमदाबाद की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद इस गिरोह के अन्य बड़े नामों और कई अन्य फर्जी फर्मों का खुलासा होगा।

चेतावनी: जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी बिलिंग के जरिए आईटीसी लेना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है, जिसमें 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कानपुर सर्राफा बाजार: सोने की कीमतों में स्थिरता, क्या यह खरीदारी का सही समय है? जानें आज के ताजा भाव

कानपुर | 27 मार्च, 2026 उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के सर्राफा बाजार …