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कोलंबो में अंतिम दिन का रोमांच, भारत को चाहिए 4 विकेट लेकिन बारिश बनी सबसे बड़ी बाधा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
कोलंबो । गुरुवार, 27 अगस्त 2026
कोलंबो में खेला जा रहा भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। चौथे दिन का खेल बारिश की वजह से जल्दी समाप्त होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 6 विकेट खोकर 229 रन बना लिए थे और भारत पर 16 रन की मामूली बढ़त हासिल कर ली थी।

मैच का अब तक का लेखा-जोखा

  • पहली पारी का अंतर: भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के विशाल स्कोर पर घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका पहली पारी में महज 290 रनों पर सिमट गया, जिससे भारत को 213 रनों की मजबूत बढ़त मिली।
  • श्रीलंका का पलटवार: भारत से मिले फॉलोऑन के बाद श्रीलंका के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में जुझारूपन दिखाया। पसिंदु सूरियाबांदारा (92 रन) और कामिंदु मेंडिस (55 रन) की पारियों के दम पर श्रीलंका ने मैच में वापसी की।
  • स्कोरकार्ड स्थिति: श्रीलंका 229/6 (कुल बढ़त: 16 रन, 4 विकेट शेष)।

भारत का विजय समीकरण और मौसम का खतरा

भारत के पास दो मैचों की इस श्रृंखला में 2-0 से क्लीन स्वीप करने का शानदार मौका है। हालांकि, पांचवें दिन भारतीय टीम के सामने दो मुख्य चुनौतियां होंगी:
  1. जल्द से जल्द 4 विकेट झटकना: भारतीय गेंदबाजों को पहले सत्र में ही श्रीलंका की पूंछ समेटनी होगी ताकि टारगेट छोटा रहे।
  2. कोलंबो का अनिश्चित मौसम: पिछले दो दिनों की तरह पांचवें दिन भी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। यदि ओवरों की कटौती होती है, तो रन चेज के लिए समय कम पड़ सकता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. भारत बनाम श्रीलंका दूसरा टेस्ट कहाँ खेला जा रहा है?
यह टेस्ट मैच कोलंबो के मैदान पर खेला जा रहा है।
Q2. पांचवें दिन भारत को जीत के लिए क्या करना होगा?
भारत को श्रीलंका के बचे हुए 4 विकेट जल्दी हासिल कर मिले हुए लक्ष्य को तय समय में हासिल करना होगा।
Q3. क्या मैच ड्रॉ हो सकता है?
हाँ, यदि पांचवें दिन भारी बारिश के कारण ज्यादा ओवर नहीं फेंके जा सके, तो मैच ड्रॉ समाप्त हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आंकड़ों और मैच की तात्कालिक स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है। मौसम और खेल की परिस्थितियों के अनुसार मैच के परिणाम में बदलाव हो सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।