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केंद्रीय बजट 2026: मध्यम वर्ग को बड़ी राहत की उम्मीद, टैक्स फ्री आय सीमा ₹15 लाख तक संभव

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केंद्रीय बजट 2026 में मध्यम वर्ग को टैक्स फ्री आय सीमा ₹15 लाख, स्टैंडर्ड डिडक्शन और 80C छूट, निवेश और होम लोन राहत आदि की उम्मीद

नई दिल्ली. केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश का मध्यम वर्ग इस बार बड़ी उम्मीदों के साथ सरकार की ओर देख रहा है। बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास खर्चों के दबाव के बीच आम करदाता को टैक्स राहत और वित्तीय सहूलियत की दरकार है। विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार इस बजट में सरकार मध्यम वर्ग को सीधी राहत देने वाले कई अहम फैसले ले सकती है।

1. टैक्स फ्री आय की सीमा (Section 87A Rebate)

मौजूदा स्थिति

नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत वर्तमान में ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लगता है।
₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ने के बाद प्रभावी टैक्स फ्री सीमा लगभग ₹12.75 लाख हो जाती है।

संभावित बदलाव

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस सीमा को बढ़ाकर ₹15 लाख तक कर सकती है।
यदि ऐसा होता है, तो मध्यम वर्ग के लाखों परिवार सीधे तौर पर टैक्स फ्री दायरे में आ जाएंगे, जिससे उनकी डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी और खपत (consumption) को बढ़ावा मिलेगा।

2. बेसिक छूट और स्टैंडर्ड डिडक्शन में राहत

बेसिक एक्सेम्प्शन लिमिट

वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था में बेसिक छूट सीमा ₹4 लाख है।
संभावना है कि इसे ₹5 लाख से ₹6 लाख तक बढ़ाया जा सकता है, ताकि महंगाई के प्रभाव को संतुलित किया जा सके।

स्टैंडर्ड डिडक्शन

अभी नई टैक्स व्यवस्था में ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलती है।
बजट 2026 में इसके ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
इससे नौकरीपेशा वर्ग को सीधी टैक्स राहत मिलेगी।

3. पुराने टैक्स सिस्टम में धारा 80C का विस्तार

मौजूदा स्थिति

धारा 80C के तहत निवेश पर मिलने वाली छूट की सीमा पिछले 10 वर्षों से ₹1.5 लाख पर स्थिर है।

अपेक्षित बदलाव

उद्योग जगत और टैक्स विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की है कि इसे बढ़ाकर ₹2.5 लाख से ₹3.5 लाख किया जाए।
इससे:

  • बचत योजनाओं (PPF, LIC, ELSS, PF, NPS) में निवेश बढ़ेगा
  • लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग को बढ़ावा मिलेगा
  • रिटायरमेंट सिक्योरिटी मजबूत होगी

4. होम लोन और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत

होम लोन ब्याज पर छूट (Section 24b)

वर्तमान सीमा: ₹2 लाख
संभावित नई सीमा: ₹3 लाख से ₹5 लाख

घरों की कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते सरकार से मांग की जा रही है कि यह छूट बढ़ाई जाए, जिससे:

  • मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना आसान होगा
  • रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिलेगा
  • हाउसिंग डिमांड में तेजी आएगी

5. हेल्थ इंश्योरेंस (Section 80D) में राहत

बढ़ते मेडिकल खर्च और प्राइवेट हेल्थकेयर कॉस्ट को देखते हुए धारा 80D के तहत मिलने वाली टैक्स छूट सीमा बढ़ाने की उम्मीद है।

संभावित लाभ:

  • हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज बढ़ेगा
  • मेडिकल इमरजेंसी में वित्तीय सुरक्षा मिलेगी
  • बुजुर्ग नागरिकों को विशेष राहत मिल सकती है

6. शिक्षा, रोजगार और महंगाई नियंत्रण पर फोकस

विशेषज्ञों के अनुसार बजट 2026 में सरकार इन क्षेत्रों पर भी ध्यान दे सकती है:

  • एजुकेशन लोन पर ब्याज सब्सिडी
  • स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
  • युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं
  • महंगाई नियंत्रण के लिए सब्सिडी और टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार
  • MSME सेक्टर को टैक्स और क्रेडिट सपोर्ट

निष्कर्ष

केंद्रीय बजट 2026 मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक राहत, टैक्स बचत और वित्तीय सुरक्षा का बजट साबित हो सकता है।
यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो यह बजट:

  • टैक्सपेयर्स को सीधी राहत देगा
  • निवेश को बढ़ावा देगा
  • हाउसिंग और हेल्थ सेक्टर को मजबूती देगा
  • घरेलू खपत (Domestic Consumption) को गति देगा

देश का मध्यम वर्ग इस बजट से “राहत + स्थिरता + भविष्य की सुरक्षा” की उम्मीद लगाए बैठा है।

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