वाशिंगटन. वैश्विक टेक दिग्गज अमेज़न (Amazon) ने जनवरी 2026 में बड़े पैमाने पर छंटनी के दूसरे दौर की घोषणा कर दी है। इस फैसले के तहत कंपनी ने 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों को निकालने की पुष्टि की है। यह कदम अक्टूबर 2025 में हुई 14,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद उठाया गया दूसरा बड़ा निर्णय है, जिससे कुल कटौती का आंकड़ा अब लगभग 30,000 कर्मचारियों तक पहुँच गया है।
इस फैसले से न सिर्फ टेक इंडस्ट्री बल्कि वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में भी हलचल मच गई है।
जनवरी 2026 की छंटनी की मुख्य बातें
📌 कुल पदों में कटौती
अमेज़न ने आधिकारिक रूप से 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि की है।
📌 कुल प्रभाव
अक्टूबर 2025 की 14,000 नौकरियों की कटौती के बाद यह दूसरा बड़ा कदम है।
👉 कुल मिलाकर अब लगभग 30,000 नौकरियाँ समाप्त हो चुकी हैं।
📌 प्रभावित विभाग
छंटनी का असर मुख्य रूप से इन विभागों पर पड़ा है:
- AWS (Amazon Web Services)
- Prime Video
- HR (Human Resources)
- Retail Division
📌 छंटनी के पीछे कारण
कंपनी का उद्देश्य है:
- नौकरशाही (Bureaucracy) को कम करना
- ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को सरल बनाना
- AI (Artificial Intelligence) सेक्टर में निवेश बढ़ाना
- संसाधनों का रणनीतिक पुनर्गठन करना
अमेज़न अब भविष्य की तकनीक, खासकर AI आधारित ऑटोमेशन और क्लाउड सिस्टम पर अधिक फोकस कर रही है।
महत्वपूर्ण घटनाक्रम
✉️ गलती से भेजा गया इंटरनल ईमेल
आधिकारिक घोषणा से पहले ही कुछ कर्मचारियों को गलती से छंटनी से संबंधित इंटरनल ईमेल भेज दिया गया, जिससे कंपनी के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
🇮🇳 भारत पर संभावित प्रभाव
इस छंटनी का असर भारत में स्थित अमेज़न के प्रमुख टेक हब्स पर भी पड़ सकता है:
- बेंगलुरु
- हैदराबाद
- चेन्नई
ये केंद्र वैश्विक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं का सपोर्ट सिस्टम हैं, इसलिए यहां कार्यरत कर्मचारियों में भी अनिश्चितता का माहौल है।
💰 कर्मचारियों को मिलने वाली सहायता
अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों को:
- 90 दिनों का आंतरिक ट्रांजिशन पीरियड
- कंपनी के भीतर नई भूमिका खोजने का अवसर
- Severance Pay (विच्छेद वेतन)
- अन्य कॉर्पोरेट सपोर्ट बेनिफिट्स दिए जाएंगे
टेक इंडस्ट्री पर व्यापक असर
अमेज़न की यह छंटनी केवल एक कंपनी का फैसला नहीं है, बल्कि यह संकेत देती है कि:
- टेक कंपनियाँ अब लागत कटौती + AI निवेश मॉडल अपना रही हैं
- मैनुअल प्रोसेस की जगह ऑटोमेशन
- AI आधारित सिस्टम्स की तरफ तेज़ ट्रांजिशन
- कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर का रीडिज़ाइन
यह ट्रेंड आने वाले समय में अन्य बड़ी टेक कंपनियों में भी देखने को मिल सकता है।
अमेज़न की यह दूसरी बड़ी छंटनी वैश्विक टेक सेक्टर के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। जहां एक ओर AI, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक कॉर्पोरेट नौकरियों पर संकट गहराता जा रहा है। यह फैसला केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है कि आने वाला दौर AI-सेंट्रिक वर्कफोर्स मॉडल का होगा।
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