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आगरा छावनी में ‘स्वराज’ की गूँज: 17 सड़कों से मिटा गुलामी का निशान, अब वीरों के नाम से होगी पहचान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ । बुधवार, 29 अप्रैल 2026

आगरा छावनी (Agra Cantt) के इतिहास में मंगलवार का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना। छावनी परिषद (Cantonment Board) की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उन 17 सड़कों के नाम बदल दिए गए हैं, जो अब तक ब्रिटिश हुकूमत और मुगल काल की याद दिलाती थीं। अब ये सड़कें भारतीय सेना के अदम्य साहस और देश के महापुरुषों की गाथा गाएंगी।

प्रमुख सड़कों के बदले हुए नाम: एक नज़र में

बैठक में जिन सड़कों के नाम बदले गए हैं, उनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

पुराना नाम नया नाम
औलिया रोड छत्रपति शिवाजी मार्ग
टक्कर रोड शस्त्र मार्ग
स्कॉट रोड मेजर सुधीर वालिया रोड
ओक्टोरलोनी रोड ग्रैंड परेड रोड
चमरपुरा रोड डॉ. भीमराव आंबेडकर रोड
मेटकाल्फ रोड फील्ड मार्शल करिअप्पा रोड
मुनरॉय रोड नरसिम्हा मार्ग
डस्टरविल रोड महावीर वाल्मीकि मार्ग

विकास के लिए 1 करोड़ का निवेश

ब्रिगेडियर रजत त्यागी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केवल नाम ही नहीं बदले गए, बल्कि छावनी के कायाकल्प पर भी मुहर लगी। परिषद ने करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाओं को सुधारने का निर्णय लिया है। इसमें खराब हो चुके सार्वजनिक शौचालयों का पुनर्गठन, नालियों का आधुनिक निर्माण और जल संरक्षण के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग परियोजनाओं पर जोर दिया गया है।

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आधुनिक बनेगा वाहनों का बेड़ा

छावनी की सफाई और कार्यप्रणाली को स्मार्ट बनाने के लिए परिषद ने नए वाहनों की खरीद को भी हरी झंडी दी है। अब छावनी के बेड़े में ई-रिक्शा, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मल्टी-पर्पज वाहन शामिल होंगे, जिससे कूड़ा निस्तारण और अन्य प्रशासनिक कार्य अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेंगे।

महत्वपूर्ण सुधार: बैठक में जर्जर शौचालयों को ध्वस्त कर वहां नए और आधुनिक कॉम्प्लेक्स बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को असुविधा न हो।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।