लोड हो रहा है...

प्योर ईवी ने कोकराझार में शोरूम लॉन्च के साथ पूर्वी भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

शोरूम में हाई-परफॉर्मेंस ईवी और प्योरपॉवर उत्पादों की पूरी श्रृंखला उपलब्ध, जो टिकाऊ गतिशीलता के प्रति प्रतिबद्धता को पुख्ता करती है

कोकराझार, मार्च 2026: भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों में से एक प्योर ईवी ने असम में अपने नए अधिकृत डीलरशिप के उद्घाटन के साथ पूर्वी भारत में अपने विस्तार की घोषणा की है। यह शोरूम बिल्डिंग नं. / फ्लैट नं.-0, रोड-राजापारा पार्ट 2, शहर-महामायाधाम, जिला-कोकराझार, असम में स्थित है।

यह लॉन्च पूरे क्षेत्र में टिकाऊ परिवहन को आसान बनाने की कंपनी की योजना का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नए शोरूम में प्योर ईवी के स्वदेशी उत्पादों की पूरी श्रृंखला उपलब्ध है, जिसमें लंबी दूरी वाला प्रमुख इलेक्ट्रिक स्कूटर ईप्लूटो 7जी मैक्स और उच्च प्रदर्शन वाली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल ईट्रिस्ट एक्स शामिल हैं।

- Advertisement -

अपने हरित ऊर्जा उत्पादों को बढ़ाने के लिए, इस डीलरशिप में कंपनी की ऊर्जा भंडारण उत्पाद श्रृंखला प्योर पॉवर भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे यह शोरूम स्वच्छ ऊर्जा के लिए एक संपूर्ण केंद्र बनता है, जो परिवहन के साथ-साथ घरों और व्यवसायों के लिए बिजली बैकअप समाधान भी प्रदान करता है।

कोकराझार में यह लॉन्च प्योर ईवी की तेज विस्तार योजना का हिस्सा है। कंपनी अगले 30 महीनों में 250 नए डीलरशिप्स खोलने की योजना बना रही है, जिससे देशभर में 320 से अधिक टचपॉइंट बनाए जाएँगे।

कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह विस्तार लंबी दूरी वाले ईवी की बढ़ती माँग और संस्थागत व बी2बी ग्राहकों द्वारा बढ़ती अपनाने की वजह से हो रहा है, जिसे सरकारी नीतियों का भी समर्थन मिल रहा है।

स्वदेशी अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) पर ध्यान रखते हुए, प्योर ईवी बैटरी और पॉवरट्रेन क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है। असम में यह विस्तार भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Featured Article

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।