बेंगलुरु । रविवार, 30 अगस्त 2026
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़े बेंगलुरु के चर्चित अल-हिंद मॉड्यूल मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सैयद फसीउर रहमान उर्फ सैयद फसीह उर रहमान को देश विरोधी आतंकी गतिविधियों और साजिश में शामिल होने का दोषी ठहराते हुए 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर ₹48,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
आतंकी ट्रेनिंग के लिए खरीदे थे टेंट और चाकू
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरोपी महबूब पाशा ने बेंगलुरु के गुरुप्पनापाल्या स्थित अपने आवास पर साजिश रचने के लिए कई गुप्त बैठकें की थीं। सैयद फसीउर रहमान न केवल इन साजिश की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होता था, बल्कि उसने अल-हिंद समूह के सदस्यों के लिए जंगल-कैंप ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की थी। इसके लिए उसने एक प्रमुख स्पोर्ट्स शोरूम से टेंट, चाकू और अन्य आवश्यक सामग्रियां खरीदी थीं।
एनआईए के मुताबिक, इस आतंकी साजिश का मुख्य उद्देश्य भारत में लक्षित हत्याओं (Targeted Killings) के जरिए सांप्रदायिक तनाव फैलाना और दक्षिण भारत में ISIS/Daesh का एक ‘विलायत’ (प्रांत) स्थापित करना था।
2020 में दर्ज हुआ था मामला, 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
इस मामले की शुरुआत 10 जनवरी 2020 को हुई थी, जब कर्नाटक राज्य पुलिस ने बेंगलुरु में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 जनवरी 2020 को एनआईए ने इसकी जांच अपने हाथ में ली और इसे पुनर्गठित कर जांच शुरू की। एजेंसी अब तक इस मामले की गहन जांच करते हुए 20 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोपपत्र (Chargesheets) दाखिल कर चुकी है।
मामले में सजा पाने वाला दूसरा आरोपी
अल-हिंद ISIS केस में सैयद फसीउर रहमान सजा पाने वाला दूसरा आरोपी बन गया है। इससे पहले, 14 जुलाई 2026 को इस मामले के एक अन्य आरोपी हनीफ खान को भी अदालत ने दोषी ठहराते हुए 7 साल की कठोर कैद और ₹48,000 जुर्माने की सजा सुनाई थी। हनीफ खान ने ट्रायल के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। एनआईए की टीम अब उस मुख्य ऑनलाइन हैंडलर (Online Handler) की तलाश में जुटी हुई है, जिसने इस मॉड्यूल को स्थापित करने और पूरे नेटवर्क को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की साजिश रची थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)
Q1: अल-हिंद ISIS मामले में हाल ही में किस आरोपी को सजा सुनाई गई है?
उत्तर: एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपी सैयद फसीउर रहमान उर्फ सैयद फसीह उर रहमान को 7 साल की सश्रम कैद और ₹48,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
Q2: सैयद फसीउर रहमान पर क्या मुख्य आरोप सिद्ध हुए हैं?
उत्तर: उस पर अल-हिंद समूह की साजिश वाली बैठकों में भाग लेने और सदस्यों के जंगल ट्रेनिंग कैंप के लिए टेंट व चाकू खरीदने का आरोप सिद्ध हुआ है।
Q3: अल-हिंद ISIS मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: जांच एजेंसी के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य लक्षित हत्याओं के जरिए सांप्रदायिक दंगे भड़काना और भारत में ISIS/Daesh का ‘विलायत’ (प्रांत) स्थापित करना था।
Q4: इस मामले में पहला दोषी कौन था और उसे क्या सजा मिली थी?
उत्तर: इस मामले में पहला दोषी हनीफ खान था, जिसे जुलाई 2026 में 7 साल की सश्रम कैद और ₹48,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह समाचार लेख राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी आधिकारिक बयानों और अदालत के फैसलों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों को सुरक्षा और कानूनी मामलों से जुड़ी निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है।
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