लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जमीन या मकान खरीदने–बेचने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह बेहद अहम और राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, 1 फरवरी 2026 से प्रदेश के सभी उप-निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालयों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
यह व्यवस्था ‘उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली 2024’ के तहत लागू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य भू-माफियाओं, फर्जी रजिस्ट्रियों और पहचान की चोरी जैसी समस्याओं पर पूरी तरह लगाम लगाना है।
🔎 क्या है नई व्यवस्था? (Aadhaar-Based Property Registration System)
अब तक प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के समय केवल फोटो और पहचान पत्र की कॉपी से काम चल जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी बना दिया गया है।
- बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
खरीदार, विक्रेता और गवाहों का फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन रजिस्ट्री ऑफिस में मौके पर किया जाएगा। - e-KYC वेरिफिकेशन
व्यक्ति की पहचान का रियल-टाइम मिलान सीधे UIDAI (आधार डेटाबेस) से होगा। - आधार आधारित e-Signature
ऑनलाइन दस्तावेज निष्पादन के लिए ई-हस्ताक्षर (e-Signature) को वैध मान्यता दी गई है, जिससे कागजी प्रक्रिया और समय दोनों कम होंगे।
✅ इस बदलाव से मिलने वाले 5 बड़े फायदे
- फर्जीवाड़े पर सख्त रोक
अब किसी और की जमीन पर हमशक्ल खड़ा करके रजिस्ट्री कराना नामुमकिन होगा। - अधिक भरोसेमंद दस्तावेज
आधार लिंक होने से संपत्ति रिकॉर्ड अधिक प्रामाणिक और सुरक्षित बनेंगे। - भूमि विवादों में कमी
पहचान चोरी से जुड़े विवाद खत्म होंगे, जिससे अदालतों पर बोझ भी घटेगा। - पूरी पारदर्शिता
रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया डिजिटल ट्रेल पर आधारित होगी, जिसे भविष्य में आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। - बिचौलियों और दलालों पर लगाम
फर्जी कागजात तैयार करने वाले मध्यस्थों का खेल लगभग खत्म हो जाएगा।
📝 1 फरवरी 2026 के बाद रजिस्ट्री के लिए क्या करना होगा? (नई प्रक्रिया)
अगर आप 1 फरवरी 2026 या उसके बाद प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराने जा रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- आधार कार्ड अपडेट रखें
आपका आधार अपडेटेड हो और बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट/आईरिस) सही से काम कर रहे हों। - मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो
बायोमेट्रिक समस्या की स्थिति में OTP के जरिए सत्यापन किया जा सकेगा। - दस्तावेज पहले से अपलोड करें
सभी संबंधित पक्षों (खरीदार, विक्रेता, गवाह) की आधार जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर पहले से अपलोड करनी होगी। - रजिस्ट्री ऑफिस में उपस्थिति अनिवार्य
गवाहों सहित खरीदार और विक्रेता को मौके पर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाना होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद प्रॉपर्टी रजिस्ट्री सिस्टम की दिशा में एक बड़ा कदम है। आधार ऑथेंटिकेशन से न केवल फर्जी रजिस्ट्रियों पर रोक लगेगी, बल्कि आम नागरिकों का रियल एस्टेट सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत होगा।
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