
लखनऊ. कानपुर में डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस ऐतिहासिक डिजिटल प्रक्रिया की विस्तृत रूपरेखा तय कर ली गई है। यह जनगणना देश की 16वीं और आज़ादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी, जिसे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित किया जाएगा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और गति—तीनों को एक साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि नीतिगत निर्णयों और विकास योजनाओं के लिए भरोसेमंद आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
कानपुर जनगणना 2027: पहला चरण (हाउस-लिस्टिंग)
डिजिटल जनगणना का पहला चरण भवन गणना (Houselisting Operation) पर आधारित होगा, जिसमें हर आवास और उससे जुड़ी सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा।
- 📅 अवधि: 22 मई 2026 से 20 जून 2026
- 📱 प्रक्रिया: पूरी तरह डिजिटल
- 🖥️ माध्यम: Android और iOS आधारित मोबाइल ऐप
- 📝 प्रश्नावली: लगभग 33 प्रश्न, जिनमें शामिल होंगे—
- मकान का प्रकार और संरचना
- बिजली, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं
- आवासीय व व्यावसायिक उपयोग
- संपत्ति और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी
डिजिटल प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डुप्लीकेट एंट्री न हो और रियल-टाइम डेटा तुरंत सर्वर पर उपलब्ध हो।
13 हजार से अधिक कार्मिकों की तैनाती, प्रशिक्षण अनिवार्य
इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने 13,089 कार्मिकों की तैनाती की है। सभी को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की समयसीमा
- मास्टर ट्रेनर्स: 28 फरवरी 2026 तक
- फील्ड ट्रेनर्स: 31 मार्च 2026 तक
- प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक: 15 मई 2026 तक प्रशिक्षण पूर्ण करना अनिवार्य
प्रशिक्षण में मोबाइल ऐप संचालन, डेटा सत्यापन, नागरिक संवाद और तकनीकी समस्याओं के समाधान पर विशेष फोकस रहेगा।
डिजिटल जनगणना 2027 की प्रमुख विशेषताएं
यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी:
1️⃣ सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा
पहली बार नागरिकों को Self-Enumeration का विकल्प मिलेगा।
- जनगणना शुरू होने से 15 दिन पहले वेब पोर्टल और ऐप सक्रिय कर दिए जाएंगे।
- इच्छुक नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे।
2️⃣ रियल-टाइम और तेज़ परिणाम
डिजिटल सिस्टम से डेटा तुरंत अपलोड होगा, जिससे परिणाम पहले से कहीं अधिक तेज़ी से उपलब्ध होंगे।
3️⃣ दूसरा चरण: जनसंख्या गणना
- फरवरी 2027 में मुख्य Population Enumeration होगी।
- इसमें आयु, शिक्षा, रोजगार, वैवाहिक स्थिति और सामाजिक-आर्थिक विवरण दर्ज किए जाएंगे।
4️⃣ जाति जनगणना भी शामिल
इस बार जनगणना में जातिगत आंकड़ों का संकलन भी किया जाएगा, जिससे सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष ज़ोर
प्रशासन के अनुसार, डिजिटल जनगणना में डेटा एन्क्रिप्शन, सुरक्षित सर्वर और सीमित एक्सेस सिस्टम अपनाया जाएगा। नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए किया जाएगा।
कानपुर में डिजिटल जनगणना 2027 न सिर्फ़ तकनीकी दृष्टि से एक बड़ी पहल है, बल्कि यह शहरी नियोजन, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों की मजबूत आधारशिला भी बनेगी। नागरिकों से अपील है कि वे समय पर सही जानकारी दें और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहयोग करें, ताकि यह राष्ट्रीय अभियान सफल हो सके।
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