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यूपी पीसीएस जे (PCS-J) भर्ती 2026: 3 साल की वकालत अनिवार्य, जानें नया नियम और योग्यता

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में न्यायिक सेवा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, दक्ष और अनुभव-आधारित बनाने की दिशा में सरकार ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू कर दी है।
यह संशोधन इलाहाबाद हाईकोर्ट की संस्तुति पर किया गया है और इसका सीधा प्रभाव PCS-J (Judicial Service Examination) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों पर पड़ेगा।

नए नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्यायिक पदों पर नियुक्त होने वाले अधिकारी केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक कोर्ट अनुभव और व्यावहारिक कानूनी समझ भी रखते हों।

नियम 11 में संशोधन: अब 3 वर्ष का कानूनी अभ्यास अनिवार्य

संशोधित नियम 11 के तहत न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए कानूनी अनुभव को अनिवार्य योग्यता बना दिया गया है।

▶️ 3 साल की निरंतर वकालत जरूरी

अब PCS-J परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास
विज्ञापन जारी होने की तिथि तक न्यूनतम 3 वर्ष का निरंतर कानूनी अभ्यास (Legal Practice) होना आवश्यक होगा।

▶️ अनुभव की गणना कैसे होगी?

अभ्यर्थी के वकालत अनुभव की गणना
राज्य बार काउंसिल में किए गए ‘अनंतिम पंजीकरण (Provisional Enrolment)’ की तिथि से की जाएगी।

▶️ प्रैक्टिस सर्टिफिकेट अनिवार्य

उम्मीदवारों को बार द्वारा प्रमाणित Certificate of Practice प्रस्तुत करना होगा।
इसके साथ—

  • कोर्ट में उपस्थिति (Court Appearance)
  • केस डायरी
  • या अन्य प्रामाणिक दस्तावेज
    मांगे जा सकते हैं।

➡️ इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभ्यर्थी वास्तव में सक्रिय रूप से वकालत कर रहा है।

चयन के बाद प्रशिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव

नए नियमों में भर्ती के बाद सीधी कोर्ट पोस्टिंग के बजाय पहले गहन प्रशिक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है।

▶️ 1 वर्ष का अनिवार्य ज्यूडिशियल ट्रेनिंग

चयनित अभ्यर्थियों को
Judicial Training and Research Institute (JTRI), लखनऊ में एक वर्ष का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा।

इस प्रशिक्षण में—

  • निर्णय लेखन (Judgment Writing)
  • कोर्ट मैनेजमेंट
  • व्यावहारिक प्रक्रिया कानून
  • न्यायिक आचरण व प्रशासन
    पर विशेष फोकस रहेगा।

▶️ पदोन्नति के नियम भी बदले

  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन) से सीनियर डिवीजन में पदोन्नति अब
    👉 कम से कम 5 वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद ही होगी।
  • कुल पदों में से 10% पद सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे।

PCS-J 2026: संभावित रिक्तियां और अधिसूचना अपडेट

न्यायिक सेवा 2026 को लेकर बड़ी संख्या में पदों के सृजन की संभावना है।

▶️ संभावित पद संख्या

वर्तमान प्रशासनिक संकेतों के अनुसार
➡️ 218 से 400 पदों के बीच PCS-J भर्ती का विज्ञापन जारी हो सकता है।

▶️ अधिसूचना कब आएगी?

कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के बाद
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)
द्वारा 2026 की पहली छमाही (फरवरी से मई) के बीच अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है।

▶️ आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु: 22 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 35 वर्ष
    (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी)

PCS-J अभ्यर्थियों के लिए क्या बदलेगा?

✔️ फ्रेश लॉ ग्रेजुएट्स के लिए सीधी एंट्री कठिन
✔️ प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं को स्पष्ट बढ़त
✔️ न्यायिक गुणवत्ता और फैसलों की व्यवहारिक समझ में सुधार
✔️ चयन प्रक्रिया अधिक पेशेवर और अनुभव-आधारित

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली, 2026 ने PCS-J की दिशा और दशा दोनों बदल दी हैं। अब यह परीक्षा केवल अकादमिक मेरिट नहीं, बल्कि कोर्ट अनुभव, प्रशिक्षण और न्यायिक दक्षता पर आधारित होगी।

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