कोलकाता । सोमवार, 1 जून 2026
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य में पहली बार बनी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गठन के ठीक 22 दिन बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार संपन्न हुआ। राजभवन (अथवा लोकभवन) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने कुल 35 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस नए विस्तार के साथ ही शुभेंदु अधिकारी सरकार के कुल मंत्रियों की संख्या (मुख्यमंत्री सहित) अब 41 हो गई है। गौरतलब है कि 9 मई 2026 को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ केवल 5 अन्य वरिष्ठ नेताओं (दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, निसिथ प्रमाणिक और खुदीराम टुडू) ने शपथ ली थी।
महत्वपूर्ण तथ्य
सोशल मीडिया और शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ तथ्यात्मक त्रुटियां देखी गईं, जिन्हें सुधारा जाना बेहद जरूरी है:
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शपथ ग्रहण स्थल: कुछ शुरुआती रिपोर्टों में इसे ‘लोकभवन’ कहा गया है, लेकिन राज्य में आधिकारिक तौर पर मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक राजभवन (Governor’s House), कोलकाता में आयोजित होता है।
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नामों में सुधार: रिपोर्टों में ‘तॉपस रॉय’ का सही नाम तपस रॉय है। इसी तरह ‘अरूप कुमार दास’ का सही नाम आधिकारिक तौर पर अनुप कुमार दास और ‘मालती राभा रॉय’ का सही नाम मालती रावा रॉय है।
जानिए किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी: मंत्रियों की पूरी सूची
शपथ लेने वाले 35 विधायकों में वरिष्ठ चेहरों से लेकर युवा और जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी गई है। इनका श्रेणीवार विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
शुभेंदु अधिकारी मंत्रिमंडल विस्तार सूची (1 जून 2026)
| कैबिनेट मंत्री (13) | राज्य मंत्री – स्वतंत्र प्रभार (03) | राज्य मंत्री (19) |
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1. दीपक बर्मन
2. तपस रॉय
3. डॉ. शंकर घोष
4. मनोज कुमार उरांव
5. अर्जुन सिंह
6. गौरी शंकर घोष
7. स्वपन दासगुप्ता
8. जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
9. कल्याण चक्रवर्ती
10. अजय पोद्दार
11. शरद्वत मुखर्जी
12. दूध कुमार मंडल
13. अनुप कुमार दास |
1. डॉ. इंद्रनील खान
2. मालती रावा रॉय
3. राजेश महतो |
1. जोएल मुर्मू
2. हरे कृष्ण बेरा
3. आनंदमय बर्मन
4. अशोक डिंडा
5. नादियार चंद बाउरी
6. विशाल लामा
7. शांतनु प्रमाणिक
8. मौमिता बिस्वास मिश्रा
9. उमेश राय
10. पूर्णिमा चक्रवर्ती
11. कौशिक चौधरी
12. भास्कर भट्टाचार्य
13. दिवाकर घरामी
14. अमिया किस्कू
15. कलिता माझी
16. गर्गी दास घोष
17. बिराज बिस्वास
18. दीपांकर जना
19. सुमना सरकार |
इस कैबिनेट विस्तार के पीछे का सियासी समीकरण
भाजपा के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व ने इस पहले विस्तार में क्षेत्रीय और सामुदायिक संतुलन (Regional & Community Representation) को साधने का पूरा प्रयास किया है:
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उत्तर बंगाल को तरजीह: पूर्ववर्ती सरकारों में उपेक्षित रहे उत्तर बंगाल (North Bengal) और दक्षिण-पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों को इस बार भारी प्रतिनिधित्व मिला है। दीपक बर्मन, विशाल लामा और मालती रावा रॉय जैसे नाम इसके उदाहरण हैं।
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अनुभव और नए चेहरों का मिश्रण: पूर्व सांसद अर्जुन सिंह, वरिष्ठ पत्रकार व थिंक-टैंक स्वपन दासगुप्ता और अनुभवी नेता तपस रॉय के आने से सरकार के प्रशासनिक कामकाज को मजबूती मिलेगी। वहीं, क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा और डॉ. इंद्रनील खान जैसे युवा चेहरों को भी आगे बढ़ाया गया है।
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महिला एवं वंचित समाज की भागीदारी: कलिता माझी, मौमिता बिस्वास, और पूर्णिमा चक्रवर्ती जैसी महिला विधायकों को शामिल कर आधी आबादी को साधने की कोशिश की गई है। साथ ही अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों का भी विशेष ख्याल रखा गया है।
संवैधानिक नियम: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 44 मंत्री (15%) बनाए जा सकते हैं। 41 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अभी भी भविष्य के लिए 3 पद खाली रखे हैं।
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