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पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव 2026: तीन सीटों पर मतदान की तारीख घोषित, जानें पूरा शेड्यूल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता । सोमवार, 6 जुलाई 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने राज्य में राज्यसभा की तीन खाली सीटों के लिए उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ये सीटें तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं—सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक—के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थीं।

उपचुनाव की प्रमुख तिथियां:

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मतदान की प्रक्रिया 24 जुलाई को संपन्न होगी। महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • नोटिफिकेशन जारी: 7 जुलाई 2026 (मंगलवार)

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 14 जुलाई 2026 (मंगलवार)

  • स्क्रूटनी (जांच): 15 जुलाई 2026 (बुधवार)

  • नाम वापसी: 17 जुलाई 2026 (शुक्रवार)

  • मतदान की तारीख: 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार)

  • मतगणना: 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार, शाम 5 बजे के बाद)

क्यों हो रहे हैं ये उपचुनाव?

राज्य की राजनीति में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच, सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इन तीनों सांसदों का कार्यकाल काफी लंबा बाकी था, जिसे पूरा करने के लिए अब ये उपचुनाव अनिवार्य हो गए हैं। इस चुनाव को राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है संभावित असर?

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, और उससे ठीक पहले राज्यसभा की इन सीटों का भरना सदन के गणित को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन सीटों के परिणामों से सदन में पार्टियों की संख्या बल में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।