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संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त कानपुर में ‘युवा संवाद’ का भव्य आयोजन: राष्ट्र निर्माण और चरित्र विकास पर जोर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर । 
कानपुर के बेनाझाबर स्थित बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विद्यार्थी कार्य विभाग (उत्तर भाग) द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करना था।

मुख्य अतिथि एवं अध्यक्षता

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर विभाग के विभाग प्रचारक बैरिस्टर जी मुख्य वक्ता एवं अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य नगर के नगर संघचालक अर्जुन जी द्वारा की गई। सभा में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, युवा कार्यकर्ता और मातृशक्ति शामिल हुईं।

युवाओं के लिए मुख्य संदेश और दिशा-निर्देश

बैरिस्टर जी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसका युवा वर्ग है। युवाओं के पास ऊर्जा, साहस और सृजनात्मकता का असीम भंडार है, जिसे सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता है।
  • आधुनिकता और संस्कृति का संतुलन: आज के युवा विज्ञान, तकनीक और आधुनिक शिक्षा में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और गौरवशाली परंपराओं को न भूलें।
  • सच्ची उन्नति का आधार: देश का विकास केवल आर्थिक या तकनीकी समृद्धि से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए अनुशासित, संवेदनशील और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण आवश्यक है।
  • महापुरुषों से प्रेरणा:
    • स्वामी विवेकानंद: युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, कठिन परिश्रम और राष्ट्रसेवा का मार्ग अपनाना चाहिए।
    • रामकृष्ण परमहंस: युवाओं को सत्य, सरलता, त्याग, सेवा और सामाजिक सद्भाव के गुणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित सर्वोपरि

विभाग प्रचारक ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी व्यक्तिगत सफलता और सुख-सुविधाओं से आगे बढ़कर समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें।
  1. युवाओं को जाति, भाषा और क्षेत्रीय संकीर्णताओं से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए।
  2. अपनी ऊर्जा का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और समाज सेवा जैसे रचनात्मक कार्यों में करना चाहिए।
  3. प्रत्येक नागरिक द्वारा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन ही भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएगा।
अधिक जानकारी एवं प्रामाणिक समाचारों के लिए आप Matribhumi Samachar पर विजिट कर सकते हैं।

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन कहाँ और किसके द्वारा किया गया?
Ans: यह कार्यक्रम कानपुर के बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में RSS के विद्यार्थी कार्य विभाग (उत्तर भाग) द्वारा आयोजित किया गया।
Q2: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans: संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, चरित्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना था।
Q3: कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कौन थे?
Ans: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर विभाग के विभाग प्रचारक बैरिस्टर जी कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन, कानपुर में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति व उपलब्ध समाचार जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रसार करना है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।