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जो पंडाल नहीं जा सकते, उन तक पहुँचेगा मुंबईचा राजा का आशीर्वाद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पुणे, सितंबर, 2026: गणेश चतुर्थी का त्यौहार हर किसी के लिए खास होता है, लेकिन उम्र या आने-जाने में परेशानी के कारण कुछ लोग पंडाल तक नहीं पहुँच पाते। ऐसे भक्तों को भी उत्सव से जोड़ने के लिए उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ‘मूषक आला रे’ पहल कर रहा है। इसके तहत बप्पा के प्रिय मूषक को भक्तों के करीब ले जाया जाएगा।

एक विशाल मूषक को मोबाइल कैंटर वैन पर स्थापित कर छह दिनों तक मुंबई और पुणे के अलग-अलग इलाकों में ले जाया जाएगा। यह वैन वृद्धाश्रमों, वरिष्ठ नागरिक समुदायों, हाउसिंग सोसाइटीज़ और दूसरे सामुदायिक स्थानों पर पहुँचेगी। यहाँ भक्त मूषक के कान में अपनी मनोकामना कह सकेंगे। मान्यता है कि भगवान गणेश का मूषक भक्तों की मनोकामनाएँ बप्पा तक पहुँचाता है।

लक्ष्मण वेलायुधम, सीएमओ, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, ने कहा, “त्यौहार लोगों को एक साथ जोड़ते हैं। ‘मूषक आला रे’ के माध्यम से हमारा प्रयास है कि उम्र या आने-जाने की सीमाएँ किसी को उत्सव का हिस्सा बनने से न रोकें। हम उन लोगों के लिए खुशी और जुड़ाव का एक ऐसा पल बनाना चाहते हैं, जो खुद पंडाल नहीं जा सकते।”

इस पहल के जरिए वरिष्ठ नागरिकों और सीमित गतिशीलता वाले लोगों को मुंबईचा राजा के वर्चुअल रियलिटी (वीआर) गणेश दर्शन का मौका भी मिलेगा। इससे वे पंडाल की भव्यता और माहौल का डिजिटल अनुभव ले सकेंगे, भले ही वे खुद वहाँ न जा पाएँ। अनुभव के अंत में भक्तों को मुंबईचा राजा का प्रसाद भी दिया जाएगा।

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इस तरह पहल में आस्था और परंपरा के साथ टेक्नोलॉजी को जोड़ा गया है, ताकि उम्र या आने-जाने की परेशानी किसी को त्यौहार की खुशियों से दूर न रखे। ‘मूषक आला रे’ पहल छह दिनों तक मुंबई और पुणे में चलेगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।