जम्मू ।
जम्मू-कश्मीर में कैंसर की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील रिपोर्ट सामने आई है। राज्य विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में कैंसर के लगभग 51,000 मामले दर्ज किए गए हैं। यह डेटा विधायक मीर सैफुल्लाह द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में पेश किया गया।
कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने बीमारी की समय पर पहचान, मुफ्त उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
प्रमुख कैंसर के प्रकार और आंकड़े में अंतर का कारण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में मुख्य रूप से तीन प्रकार के कैंसर सबसे अधिक देखे जा रहे हैं:
- गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर (पेट और आंतों का कैंसर)
- फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)
- स्तन कैंसर (Breast Cancer)
विधानसभा में विधायक द्वारा 2024 के आंकड़ों के हवाले से 71 हजार मरीजों का उल्लेख किया गया था, जबकि मंत्री ने 51 हजार मामलों की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आंकड़ों में अंतर डेटा संग्रह की अलग-अलग अवधि, अस्पताल पंजीकरण पद्धतियों या अलग-अलग सर्वेक्षण स्रोतों के कारण हो सकता है।
घर–घर स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान पर जोर
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए समय पर पहचान (Early Detection) सबसे मजबूत हथियार है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखकर समुदाय और घर–घर तक पहुँचाने की रणनीति बनाई है।
- सामुदायिक स्क्रीनिंग: स्वास्थ्य कार्यकर्ता और एएनएम/आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जाकर शुरुआती लक्षणों की पहचान और स्क्रीनिंग करेंगी।
- शीर्ष समिति (Apex Committee): कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग और उपचार की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।
- सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण: महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) के कैंसर को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है।
अस्पतालों में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
कैंसर रोगियों को राज्य से बाहर जाने की मजबूरी न रहे, इसके लिए दो प्रमुख तृतीयक देखभाल संस्थानों (Tertiary Care Institutes) को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है:
- SKIMS सौरा (श्रीनगर): यहाँ ऑन्कोलॉजी ब्लॉक, रेडिएशन थेरेपी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को मजबूत किया गया है।
- GMC जम्मू (स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट): जम्मू क्षेत्र के मरीजों के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब, कीमोथेरेपी यूनिट और उन्नत सर्जिकल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए मुफ्त सुविधाएं और योजनाएं
कैंसर के इलाज का खर्च किसी भी आम परिवार के लिए भारी आर्थिक बोझ बन जाता है। इससे राहत देने के लिए सरकार कई वित्तीय योजनाएं संचालित कर रही है:
| योजना / सुविधा | लाभ और पात्रता |
| आयुष्मान भारत – सेहत योजना | पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख तक का कैशलेस और पूरी तरह मुफ्त इलाज। |
| मुफ्त कैंसर दवाएं | BPL (गरीबी रेखा से नीचे) और AAY (अंत्योदय अन्न योजना) कार्डधारकों को जीवन रक्षक कैंसर दवाएं मुफ्त उपलब्ध। |
| CTMFP फंड | गरीब मरीजों की सहायता के लिए Cancer Treatment and Management Fund for Poor से अतिरिक्त वित्तीय सहायता। |
स्वास्थ्य मंत्री की अपील
स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शरीर में दिखने वाले किसी भी असामान्य लक्षण—जैसे लंबे समय तक गांठ, अचानक वजन घटना, या पाचन संबंधी समस्याओं—को नजरअंदाज न करें। सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध मुफ्त जांच सुविधाओं का लाभ उठाकर शुरुआती चरण में ही इलाज शुरू कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. जम्मू–कश्मीर में कुल कितने कैंसर के मामले दर्ज हैं?
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार जम्मू-कश्मीर में आधिकारिक रूप से लगभग 51,000 कैंसर के मामले दर्ज किए गए हैं।
Q2. जम्मू–कश्मीर में किन प्रमुख कैंसर के मामले अधिक पाए जा रहे हैं?
यहाँ मुख्य रूप से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (आंत/पेट), फेफड़ों और स्तन कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं।
Q3. क्या कैंसर की दवाएं जम्मू–कश्मीर में मुफ्त मिलती हैं?
हाँ, BPL और AAY श्रेणी के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी व्यवस्था के तहत कैंसर की दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।
Q4. जम्मू–कश्मीर में कैंसर का मुख्य इलाज कहाँ उपलब्ध है?
राज्य के दो शीर्ष संस्थानों—SKIMS सौरा (श्रीनगर) और GMC जम्मू स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में विशेषज्ञ ऑन्कोलॉजी सेवाएं और उन्नत इलाज उपलब्ध है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख केवल सूचनात्मक और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी स्वास्थ्य विभाग की विधानसभा रिपोर्ट और समाचार स्रोतों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या कैंसर के लक्षणों की स्थिति में तुरंत किसी योग्य ऑन्कोलॉजिस्ट या पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श लें।
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