लोड हो रहा है...

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत और ₹64,400 के चालान का खुलासा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

ग्रेटर नोएडा।

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर के पास 23 सितंबर की देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा के लिए रवाना हुई एक स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन दल और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुँची और घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया।

यात्रियों की चेतावनी को किया गया अनदेखा

हादसे से बचे यात्रियों के अनुसार, बस में आग की लपटें दिखने से काफी पहले ही जलने की तेज़ गंध आने लगी थी। यात्रियों ने तुरंत बस चालक और परिचालक (कंडक्टर) को सतर्क किया था, लेकिन उन्होंने वाहन को रोकने के बजाय यात्रा जारी रखी।

- Advertisement -

कुछ ही देर में चालक के केबिन के पास से लपटें निकलने लगीं और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज़ी से फैली कि यात्रियों को आपातकालीन खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला।

बस पर थे ₹64,400 के पेंडिंग चालान

हादसे के बाद जब पुलिस और परिवहन विभाग ने बस के आरटीओ (RTO) और ट्रैफिक रिकॉर्ड की जाँच की, तो कई गंभीर उल्लंघनों का पता चला:

  • पेंडिंग चालान: बस पर ओवरस्पीडिंग, बिना लाइसेंस ड्राइविंग, परमिट नियमों के उल्लंघन और ड्रेस कोड पालन न करने के कारण लगभग ₹64,400 के चालान दर्ज थे।
  • चालान रिकॉर्ड: प्राथमिक रिकॉर्ड में अप्रैल और अगस्त 2026 के चालानों का भी जिक्र मिला है।
  • अंतिम पुष्टि: ट्रैफिक विभाग विभिन्न डेटाबेस के आधार पर पेंडिंग चालानों की अंतिम राशि की पुष्टि कर रहा है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला (FIR) दर्ज कर लिया गया है।

प्राथमिक तकनीकी जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट या एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम में खराबी माना जा रहा है। फॉरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि वास्तविक कारण की सटीक पुष्टि हो सके।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक सहायता

उत्तर प्रदेश सरकार ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है:

- Advertisement -
  • मृतकों के परिजनों को: ₹2,00,000 की सहायता राशि
  • गंभीर घायलों को: ₹50,000 की सहायता राशि

संबंधित खबरें और महत्वपूर्ण लिंक्स (Relevant Links)

अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों एवं अपडेट्स के लिए हमारे आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस हादसा कब और कहाँ हुआ?

यह हादसा 23 सितंबर 2026 की रात लगभग 11:30 बजे ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर के पास हुआ।

Q2: हादसे में कितने लोगों की जान गई?

इस भीषण अग्निकांड में 9 यात्रियों की मौत हुई है और कई यात्री घायल हुए हैं।

Q3: बस में आग लगने की प्राथमिक वजह क्या बताई जा रही है?

फॉरेंसिक और पुलिस की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या बस के एसी (AC) सिस्टम में खराबी को आग का कारण माना जा रहा है।

Q4: बस का पिछला ट्रैफिक रिकॉर्ड क्या था?

जांच में सामने आया है कि बस पर ओवरस्पीडिंग, परमिट और लाइसेंस संबंधी नियमों के उल्लंघन के चलते लगभग ₹64,400 के चालान पेंडिंग थे।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध प्राथमिक जानकारी, पुलिस बयान और प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। चालानों की अंतिम राशि और तकनीकी जांच की पूरी रिपोर्ट आधिकारिक विभागों द्वारा जारी किए जाने के बाद अद्यतन की जा सकती है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।