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उत्तराखंड में शिक्षकों की एआई साक्षरता और दक्षता बढ़ाने के लिए एससीईआरटी उत्तराखंड और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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देहरादून, सितंबर, 2026: उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (केईएफ) ने आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्यभर के शिक्षकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की साक्षरता और दक्षता विकसित करना तथा डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा को मजबूत करना है।

समझौते के तहत एससीईआरटी उत्तराखंड, विशेष रूप से उसके आईटी विभाग, और केईएफ मिलकर शिक्षकों के लिए कंटेंट तैयार करने, ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित करने, तकनीकी सहायता प्रदान करने तथा ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के कार्यान्वयन और प्रसार पर काम करेंगे। इस साझेदारी को अतिरिक्त निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने औपचारिक रूप से मंजूरी दी। उन्होंने बताया कि इस सहयोग के तहत विकसित किए गए पाठ्यक्रमों को

दीक्षा, यूके ई-सृजन और मिशन कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।

यह साझेदारी उत्तराखंड में शिक्षकों के पेशेवर विकास के केंद्र में एआई साक्षरता और दक्षता को रखती है। केईएफ, एससीईआरटी के साथ मिलकर राज्य के शिक्षकों के लिए ‘एआई कोर्स फॉर एजुकेटर्स’ को अनुकूलित कर लागू करेगा।

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भविष्य के पाठ्यक्रमों के विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती डिजिटल शिक्षण पद्धतियों को शामिल करते हुए यह पहल शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में प्रौद्योगिकी के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से कक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने, शिक्षक पेशेवर विकास को मजबूत करने और पूरे उत्तराखंड में विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार लाने में सहायता करेगी।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में एससीईआरटी की अकादमिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण निदेशक बंदना गर्ब्याल, एससीईआरटी उत्तराखंड के उप निदेशक विनोद मथुरा, एससीईआरटी की सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण, एससीईआरटी के आईटी विभाग से रमेश प्रसाद बडोनी तथा कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की सीओओ जयश्री रमेश, मिलिंद पांडे और दीपक पाठक उपस्थित रहे।

एससीईआरटी उत्तराखंड की निदेशक (अकादमिक) बंदना गर्ब्याल ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि यह राज्य में उभरती शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप एक स्थायी सहयोग विकसित करने और शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बंदना गर्ब्याल, निदेशक (अकादमिक), एससीईआरटी उत्तराखंड, ने कहा, “कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी हमें उत्तराखंड के शिक्षकों, जिनमें हमारे सबसे दूरस्थ जिलों के शिक्षक भी शामिल हैं, तक एआई-सक्षम और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा पहुँचाने में मदद करेगी। इनोवेट उत्तराखंड हैकाथॉन 3.0 के लिए समर्थन के साथ यह सहयोग बेहतर शिक्षण, विद्यार्थियों में नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कक्षाओं पर केंद्रित साझेदारी की शुरुआत है।”

कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की सीओओ जयश्री रमेश ने कहा, “एससीईआरटी उत्तराखंड के साथ इस एमओयू पर हस्ताक्षर करना हमारे लिए एक विशेष अवसर है। जैसे-जैसे विभिन्न राज्यों में हमारा काम विस्तार कर रहा है, हमारा विश्वास वही है, हर शिक्षक को भविष्य के लिए तैयार उपकरण मिलने चाहिए और हर बच्चे को भविष्य के लिए तैयार शिक्षक मिलना चाहिए। वास्तविक काम अब शुरू होता है।”

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केईएफ का मराठी में ‘एजुकेटर्स के लिए एआई साथी’ एआई पाठ्यक्रम, जिसे एससीईआरटी महाराष्ट्र के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है, पहले से ही दीक्षा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से महाराष्ट्र में 7.5 लाख से अधिक शिक्षकों तक व्यापक पहुँच बनाई जा चुकी है। एससीईआरटी उत्तराखंड के साथ केईएफ की साझेदारी इस सफल राज्य-स्तरीय मॉडल को उत्तराखंड के शिक्षकों तक पहुँचाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।