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दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर नहीं होंगे प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने तीन नए स्थान किए निर्धारित, जानें नियम और नए स्थल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली।

दिल्ली में लंबे समय से देश-विदेश का ध्यान खींचने वाले आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा जंतर–मंतर अब इतिहास का हिस्सा बन गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से जारी नए स्थायी आदेश के तहत जंतर-मंतर को आधिकारिक निर्धारित प्रदर्शन स्थल (Designated Protest Site) की सूची से हटाकर गैर-अधिसूचित (De-notified) कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया है। नई दिल्ली के वीआईपी और प्रशासनिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने और सामान्य नागरिकों की आवाजाही को सुचारू बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

 

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प्रदर्शन और धरने के लिए तीन नए निर्धारित स्थान

दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार, अब राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन या राजनीतिक व सामाजिक धरने आयोजित करने के लिए केवल तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं:

  1. रामलीला मैदान (Ramlila Maidan): मध्यम स्तर के प्रदर्शनों (1,000 से 50,000 तक की भीड़) के लिए।
  2. बुराड़ी मैदान (Burari Ground): बड़े स्तर के प्रदर्शनों और जनसभाओं (50,000 से अधिक लोगों की उपस्थिति) के लिए।
  3. सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली (CBD Ground, East Delhi): पूर्वी दिल्ली (शाहदरा) क्षेत्र के पास स्थित निर्धारित स्थल।

 

नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) होगी लागू

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए आयोजकों को विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करना होगा।

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  • यह नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी किए गए पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन करता है।
  • बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी स्थान पर एकत्र होने या धरना देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • प्रदर्शनकारियों की संख्या और प्रकार के आधार पर ही इन तीनों में से किसी एक स्थल का चयन करने की अनुमति पुलिस द्वारा दी जाएगी।

 

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: बोट क्लब से लेकर जंतर–मंतर तक का सफर

दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों का इतिहास पहले भी बदलता रहा है:

  • बोट क्लब (Boat Club): 1990 के दशक से पहले इंडिया गेट के पास बोट क्लब बड़े राजनीतिक और किसान आंदोलनों का गढ़ हुआ करता था। 1988 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के बाद बोट क्लब पर प्रदर्शनों को सीमित कर दिया गया था।
  • जंतर–मंतर (Jantar Mantar): इसके बाद जंतर-मंतर देश का सबसे प्रमुख विरोध प्रदर्शन केंद्र बना। राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, सिविल सोसाइटी समूहों, छात्र संघों और कर्मचारियों ने वर्षों तक अपनी माँगें उठाने के लिए जंतर-मंतर को चुना।

अब जंतर-मंतर के डी-नोटिफाई होने के बाद केंद्रीय दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों का दौर थम जाएगा और सभी गतिविधियाँ नए निर्धारित मैदानों में स्थानांतरित होंगी।

 

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या जंतर–मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह बंद हो गया है?

उत्तर: हाँ, दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार जंतर-मंतर अब आधिकारिक प्रदर्शन स्थल नहीं रहा है। वहाँ किसी भी प्रकार के धरने या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Q2. दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए नए तीन स्थान कौन से हैं?

उत्तर: नए निर्धारित स्थल हैं — 1. रामलीला मैदान, 2. बुराड़ी मैदान, और 3. सीबीडी मैदान (पूर्वी दिल्ली)।

Q3. प्रदर्शन की अनुमति कैसे मिलेगी?

उत्तर: दिल्ली पुलिस द्वारा जारी की जाने वाली संशोधित एसओपी (SOP) के तहत आयोजकों को तय प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

 

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख दिल्ली पुलिस द्वारा जारी स्थायी आदेश और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। नियम व प्रक्रिया में किसी भी अद्यतन जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस के आधिकारिक पोर्टल को देखें।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।