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कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 पर पहला टेस्ट रन सफल: CSA से बर्रा-8 रूट पर जल्द शुरू होगी पैसेंजर सेवा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

कानपुर|

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर को जल्द ही एक और विश्वस्तरीय और सुगम सार्वजनिक परिवहन का तोहफा मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बर्रा-8) पर ट्रेन का पहला टेस्ट रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

सीएसए परिसर स्थित नवनिर्मित डिपो से रवाना होकर मेट्रो ट्रेन ने रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया जैसे घने और व्यस्त भूमिगत (Underground) स्टेशनों को पार करते हुए विजय नगर चौराहे स्थित रैंप तक का सफर तय किया। इस ऐतिहासिक टेस्ट रन के बाद ट्रेन को सुरक्षित वापस डिपो में लाया गया।

 

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टेस्ट रन का रूट और तकनीकी विशेषताएं

परीक्षण के प्रथम चरण में ट्रेन को न्यूनतम 5 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति से चलाकर शुरुआती तकनीकी प्रणालियों का आकलन किया गया।

इस ट्रायल के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं को परखा गया:

  • ट्रैक और अलाइनमेंट: पटरियों के गेज, जोड़ और कर्व्स की सटीकता की जांच।
  • बिजली आपूर्ति (Power Supply): थर्ड रेल और ट्रैक्शन मोटर को मिल रही पावर सप्लाई का मूल्यांकन।
  • ब्रेकिंग एवं सिग्नलिंग: आपातकालीन ब्रेक प्रणाली और ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल तकनीक की प्राथमिक टेस्टिंग।

आगामी दिनों में ट्रेन को अलग-अलग मोड और उच्च गति (Higher Speeds) पर चलाकर विस्तृत सुरक्षा एवं कंपन (Vibration) जांच की जाएगी।

 

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कॉरिडोर-2 की रूपरेखा (CSA से बर्रा-8)

कानपुर मेट्रो का कॉरिडोर-2 शहर के उत्तरी हिस्से को सीधे दक्षिणी हिस्से से जोड़ने वाली बेहद महत्वपूर्ण नेटवर्क लाइन है।

पैरामीटरविवरण
कुल लंबाईलगभग 8.60 किलोमीटर
प्रस्तावित स्टेशन8 स्टेशन
अंडरग्राउंड सेक्शनरावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया
एलिवेटेड सेक्शनसीएसए, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8
प्रथम चरण (Part-1)सीएसए डिपो से विजय नगर रैंप तक

 

CMRS की मंजूरी के बाद खुलेगा कमर्शियल रूट

ट्रायल रन की इस सफलता के बाद आंकड़ों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की टीम पूरे ट्रैक, स्टेशनों, सुरक्षा उपकरणों, सिग्नलिंग और लिफ्ट/एस्केलेटर का भौतिक निरीक्षण करेगी। CMRS से आधिकारिक हरी झंडी (Safety Clearance) मिलते ही इस खंड पर आम जनता के लिए व्यावसायिक मेट्रो सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।

 

कानपुर वासियों को क्या होगा फायदा?

  1. ट्रैफिक जाम से मुक्ति: रावतपुर, काकादेव और विजय नगर जैसे भारी ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में यात्रा का समय घटकर आधा से भी कम हो जाएगा।
  2. छात्रों के लिए सुविधा: कोचिंग हब काकादेव और सीएसए यूनिवर्सिटी (CSA) से सीधे जुड़ाव होने के कारण छात्रों को सस्ती और त्वरित यात्रा का लाभ मिलेगा।
  3. पर्यावरण अनुकूल सफर: इलेक्ट्रिक मेट्रो सेवा शुरू होने से कानपुर के कार्बन फुटप्रिंट और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी।

 

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई कितनी है?

उत्तर: कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई लगभग 8.60 किलोमीटर है, जो सीएसए से बर्रा-8 तक विस्तृत है।

Q2. कॉरिडोर-2 पर पहला टेस्ट रन कहाँ से कहाँ तक आयोजित किया गया?

उत्तर: पहला टेस्ट रन सीएसए (CSA) डिपो से शुरू होकर रावतपुर, काकादेव, और डबल पुलिया भूमिगत स्टेशनों से होते हुए विजय नगर रैंप तक आयोजित किया गया।

Q3. आम यात्रियों के लिए कॉरिडोर-2 की मेट्रो सेवा कब शुरू होगी?

उत्तर: विभिन्न गति परीक्षणों और CMRS (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की अंतिम जांच व सुरक्षा मंजूरी मिलने के तुरंत बाद यात्री सेवा शुरू कर दी जाएगी।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक और समाचार उद्देश्यों के लिए प्रकाशित किया गया है। परियोजना की समयसीमा, परिचालन और तकनीकी विवरण उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के आधिकारिक निर्णयों एवं CMRS की मंजूरी के अधीन हैं। नवीनतम और सटीक अपडेट के लिए UPMRC की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।