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CSJMU और UPCA का ऐतिहासिक समझौता: कानपुर में सजेंगी 9 नई अभ्यास पिचें, खिलाड़ियों को मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

कानपुर|

कानपुर के खेल जगत और युवा क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के बीच क्रिकेट स्टेडियम और 50 बेड वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल के संचालन तथा विकास को लेकर 10 वर्षों का एक दीर्घकालिक करार हुआ है।

इस समझौते के बाद विश्वविद्यालय परिसर को एक अत्याधुनिक क्रिकेट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों बल्कि पूरे कानपुर मंडल के उभरते खिलाड़ियों को नया मंच मिलेगा।

 

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9 नई अभ्यास पिचों का होगा निर्माण

समझौते की शर्तों के मुताबिक, UPCA अपने स्वयं के खर्च पर CSJMU परिसर में कुल 9 आधुनिक अभ्यास पिचें तैयार कराएगा।

  • 6 आउटडोर टर्फ अभ्यास पिचें: प्राकृतिक घास और उच्च मानक वाली मिट्टी से निर्मित, जो मैच कंडीशंस का अनुभव प्रदान करेंगी।
  • 3 इनडोर टेराफ्लेक्स (Teraflex) अभ्यास पिचें: खराब मौसम या बारिश के दौरान भी खिलाड़ियों का अभ्यास निर्बाध रूप से जारी रखने में सहायक।

इसके अलावा, स्टेडियम और मैदान के बेहतर रखरखाव के लिए UPCA आधुनिक मशीनरी, रोलर और ग्राउंड मेंटेनेंस उपकरण भी उपलब्ध कराएगा।

 

UPCA देगा मुख्य कोच की सुविधा

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खिलाड़ियों की प्रतिभा को सही दिशा देने के लिए केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही काफी नहीं होता, बल्कि सही मार्गदर्शन भी जरूरी है। इसके तहत UPCA की ओर से विश्वविद्यालय की क्रिकेट अकादमी के लिए एक योग्य मुख्य कोच (Chief Coach) नियुक्त किया जाएगा, जो खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।

 

विश्वविद्यालय के छात्रों और खिलाड़ियों को प्राथमिकता

करार में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि व्यावसायिक मैचों या कैंपों के चलते स्थानीय छात्रों का अभ्यास प्रभावित न हो:

  • CSJMU की मुख्य क्रिकेट टीम, स्पोर्ट्स अकादमी और विश्वविद्यालय के नियमित छात्रों को प्रैक्टिस सेशन के लिए पहली प्राथमिकता मिलेगी।
  • आधिकारिक मैचों और अन्य गतिविधियों के कारण छात्रों का अभ्यास एक वर्ष में अधिकतम 100 दिन ही प्रभावित हो सकेगा। बाकी दिनों में मैदान पूरी तरह छात्रों के लिए उपलब्ध रहेगा।

 

विश्वविद्यालय को प्राप्त होगा मासिक राजस्व

यह समझौता विश्वविद्यालय के वित्तीय विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दृष्टि से भी लाभदायक है।

मदवर्तमान क्षमता / दरसंशोधित/प्रस्तावित दर
क्रिकेट स्टेडियम उपयोग₹75,000 प्रति माह—
स्पोर्ट्स हॉस्टल (50 बेड)₹1,50,000 प्रति माह—
स्पोर्ट्स हॉस्टल (100 बेड)—₹2,50,000 प्रति माह
वार्षिक वृद्धि दरहर 5 वर्ष में 25% की बढ़ोतरीहर 5 वर्ष में 25% की बढ़ोतरी

 

कानपुर के क्रिकेट भविष्य के लिए क्यों अहम है यह कदम?

कानपुर हमेशा से उत्तर प्रदेश क्रिकेट का गढ़ रहा है। ग्रीन पार्क स्टेडियम के बाद CSJMU परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रैक्टिस फैसिलिटी बनने से शहर को एक नया क्रिकेट सेंटर मिल जाएगा। इससे राज्यस्तरीय ट्रायल, समर कोचिंग कैंप और अंडर-19 व रणजी ट्रॉफी के लिए खिलाड़ियों की खोज आसान होगी।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. CSJMU और UPCA के बीच यह करार कितने वर्षों के लिए हुआ है?

उत्तर: यह समझौता कुल 10 वर्षों की अवधि के लिए हुआ है।

Q2. इस समझौते के तहत कुल कितनी अभ्यास पिचें बनाई जाएंगी?

उत्तर: परिसर में कुल 9 पिचें बनेंगी, जिनमें 6 आउटडोर टर्फ और 3 इनडोर टेराफ्लेक्स पिचें शामिल हैं।

Q3. क्या विश्वविद्यालय के छात्रों का अभ्यास मैचों से बाधित होगा?

उत्तर: नहीं, अनुबंध के अनुसार मैचों के कारण विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों का अभ्यास वर्ष में अधिकतम 100 दिन ही प्रभावित हो सकता है, बाकी समय छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

Q4. UPCA विश्वविद्यालय को प्रतिमाह कितना शुल्क देगा?

उत्तर: स्टेडियम के लिए ₹75,000 प्रतिमाह तथा 50-बेड स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए ₹1.50 लाख प्रतिमाह दिए जाएंगे।

 

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डिसक्लेमर (Disclaimer):

यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों और CSJMU व UPCA के बीच हुए समझौते के मुख्य बिंदुओं पर आधारित है। शुल्क संरचना और नियम विश्वविद्यालय एवं एसोसिएशन के अंतिम अनुबंध की शर्तों के अधीन हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।