लोड हो रहा है...

Jio Platforms IPO: 100 मिनट में फुल्ली सब्सक्राइब होकर बनाया इतिहास, भारत के सबसे बड़े आईपीओ में बने 3 नए रिकॉर्ड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

 मुंबई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल एवं टेलीकॉम इकाई Jio Platforms के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) ने भारतीय शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत करते हुए नया इतिहास रच दिया है। ₹30,213 करोड़ का यह मेगा आईपीओ बिडिंग खुलने के महज 100 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब (Fully Subscribed) हो गया।

दिग्गज संस्थागत निवेशकों से लेकर शेयर बाजार विश्लेषकों तक, हर कोई इस पब्लिक इश्यू की अभूतपूर्व गति को देखकर हैरान है। लिस्टिंग से पहले ही Jio Platforms ने देश के प्राइमरी मार्केट में कई बड़े कीर्तिमान अपने नाम कर लिए हैं।

 

- Advertisement -

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के 3 ऐतिहासिक रिकॉर्ड

भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ

Jio Platforms का कुल ₹30,213 करोड़ का सार्वजनिक निर्गम भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है। इसने Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

सिर्फ 100 मिनट में 100% सब्सक्रिप्शन

21 अक्टूबर को सुबह 9 बजे बोली प्रक्रिया शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर उपलब्ध शेयरों के बराबर मांग प्राप्त हो गई। इतने बड़े इश्यू साइज के लिए यह भारत में अब तक की सबसे तेज सदस्यता गति है।

एंकर निवेशकों से ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की अभूतपूर्व मांग

- Advertisement -

आईपीओ खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित ₹8,110 करोड़ के हिस्से के मुकाबले करीब ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड बोलियां प्राप्त हुईं। वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में जबरदस्त भरोसा दिखाया है।

 

जियो आईपीओ का विवरण (IPO Overview Table)

पैरामीटरविवरण
कंपनी का नामजियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd)
आईपीओ आकार₹30,213 करोड़
मूल्य दायरा (Price Band)₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर
न्यूनतम लॉट साइज12 शेयर (खुदरा निवेशकों के लिए)
न्यूनतम आवश्यक निवेश₹13,428 (ऊपरी मूल्य बैंड पर)
सब्क्रिप्शन की तारीख21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026
प्रस्तावित लिस्टिंग तिथि28 अक्टूबर 2026

 

संस्थागत और खुदरा निवेशकों का रुझान

जियो आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की ओर से मांग सबसे आक्रामक रही। QIB कोटा खुलने के कुछ ही मिनटों में कई गुना भर गया। इसके विपरीत, खुदरा (Retail) निवेशकों की भागीदारी शुरुआती दौर में थोड़ी धीमी लेकिन स्थिर रही।

 

प्रमोटर शेयरहोल्डर्स और कर्मचारियों के लिए विशेष कोटा

इस आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के मौजूदा शेयरधारकों के लिए विशेष कोटा आरक्षित किया गया है। 14 अक्टूबर 2026 की रिकॉर्ड डेट तक जिनके पास RIL के शेयर थे, वे इस कोटा के तहत आवेदन के पात्र हैं।

 

मूल कंपनी Reliance Industries के शेयरों में उछाल

Jio Platforms के आईपीओ को मिली इस शानदार प्रतिक्रिया का सकारात्मक असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर साफ दिखाई दिया। 21 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में RIL का शेयर करीब 2% से 2.5% की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया।

 

निवेशकों के लिए निष्कर्ष और सलाह

100 मिनट में आईपीओ का पूरी तरह भर जाना और एंकर बुक में 30 गुना से अधिक मांग होना कंपनी के मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की संभावनाओं पर बाजार के भरोसे को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, फंडामेंटल्स और बाजार के जोखिमों का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड कितना है?

उत्तर: जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है।

Q2: खुदरा निवेशक को कम से कम कितना निवेश करना होगा?

उत्तर: खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट 12 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,119 के आधार पर एक लॉट के लिए न्यूनतम ₹13,428 का निवेश करना होगा।

Q3: जियो आईपीओ की लिस्टिंग किस तारीख को होगी?

उत्तर: जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की भारतीय शेयर बाजारों (BSE व NSE) पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।

Q4: यह आईपीओ कब तक खुला रहेगा?

उत्तर: यह आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक बोली लगाने के लिए खुला है।

 

मातृभूमि समाचार पर संबंधित लेख पढ़ें

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत किया गया है। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह के रूप में न लिया जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ या शेयर में निवेश करने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Advisor) से परामर्श अवश्य लें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।