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पेरिस से लौटे पंजाब के सीएम भगवंत मान दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे रुके, ₹50,000 की कस्टम कार्रवाई पर AAP ने केंद्र पर साधा निशाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

चंडीगढ़।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस (पेरिस) दौरे से लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर घटित एक घटनाक्रम ने देश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। पेरिस से एयर फ्रांस की फ्लाइट से देर रात दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट पर करीब 3 घंटे तक रुकना पड़ा, जिसके बाद उन पर ₹50,000 की कस्टम ड्यूटी/पेनाल्टी लगाई गई।

इस घटना के सामने आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे ‘राजनीतिक बदले की भावना’ से की गई कार्रवाई करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, कस्टम अधिकारियों के सूत्रों ने इसे नियमित जांच और अघोषित वस्तुओं पर लगाया गया वैधानिक शुल्क बताया है।

 

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क्या है पूरा मामला?

आम आदमी पार्टी के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू के अनुसार, भगवंत मान 19 अक्टूबर की देर रात फ्रांस के पेरिस से दिल्ली लौटे थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्हें लगभग तीन घंटे तक रोके रखा गया और अंततः ₹50,000 की राशि का चालान किया गया।

 

एयरपोर्ट पर क्या हुआ? (कस्टम जांच की रिपोर्ट)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री और उनके साथ मौजूद प्रतिनिधिमंडल ग्रीन चैनल (‘Nothing to Declare’) के जरिए बाहर निकल रहे थे। हालांकि, सामान की स्कैनिंग के दौरान कस्टम विभाग को कुछ ऐसी वस्तुएं मिलीं जिन्हें नियमों के अनुसार रेड चैनल (‘Goods to Declare’) के तहत घोषित किया जाना चाहिए था।

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  • अघोषित सामान: कस्टम सूत्रों के अनुसार, सामान में व्यक्तिगत उपयोग की कुछ कीमती वस्तुएं (जैसे लग्जरी वॉच, बेल्ट और एक्सेसरीज) शामिल थीं।
  • जुर्माना भुगतान: जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार ₹50,000 की कस्टम ड्यूटी/पेनाल्टी लगाई गई। अधिकारियों के अनुसार, यह जुर्माना पंजाब सरकार के दिल्ली स्थित रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय के अधिकारियों द्वारा जमा कराया गया।

 

फ्रांस क्यों गए थे भगवंत मान?

मुख्यमंत्री भगवंत मान फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ‘SIAL पेरिस 2026′ खाद्य एवं कृषि-व्यवसाय प्रदर्शनी (International Food and Agri-Business Exhibition) में हिस्सा लेने गए थे।

  1. कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा: पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के कृषि उत्पादों (जैसे राजमा, चना और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ) को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रस्तुत करना था।
  2. विदेशी निवेश: दौरे का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों को पंजाब में निवेश और व्यापार के नए अवसरों के लिए आकर्षित करना था।

 

यात्रा से पहले भी हुआ था विवाद

उल्लेखनीय है कि भगवंत मान के इस विदेशी दौरे को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच पहले ही राजनीतिक खींचतान देखने को मिली थी। केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक मंजूरी (Political Clearance) न मिलने के बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा था, जहां से मंजूरी मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री पेरिस रवाना हुए थे।

 

आम आदमी पार्टी के आरोप vs प्रशासन का रुख

पहलूआम आदमी पार्टी (AAP) का दावाकस्टम विभाग/प्रशासन का रुख
रोके जाने का कारणकेंद्र सरकार के राजनीतिक दबाव में जानबूझकर परेशान किया गया।सामान में अघोषित कीमती वस्तुएं मिलने के कारण नियमित प्रोटोकॉल के तहत रोक लगाई गई।
कार्रवाई का स्वरूपपंजाब के मुख्यमंत्री के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास।कस्टम एक्ट के तहत बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष जांच और ड्यूटी वसूली।
समयावधि3 घंटे तक अनावश्यक रूप से बैठाए रखा।सामान की पारदर्शी जांच और कागजी प्रक्रिया में लगा समय।

 

निष्कर्ष

दिल्ली एयरपोर्ट पर घटे इस वाकये के बाद जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे केंद्र सरकार की तानाशाही और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग से जोड़कर देख रही है, वहीं दूसरी तरफ कस्टम विभाग के सूत्र इसे केवल एक सामान्य नियम-पालन प्रक्रिया करार दे रहे हैं। राजनीतिक बयानों और प्रशासनिक नियमों के बीच इस मामले की पूरी तस्वीर आधिकारिक बयानों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर क्यों रोका गया था?

उत्तर: आम आदमी पार्टी का दावा है कि उन्हें 3 घंटे तक राजनीतिक दबाव के तहत रोका गया, जबकि कस्टम सूत्रों के अनुसार उनके पास से कुछ अघोषित वस्तुएं मिलने के कारण नियमित जांच की गई।

Q2: भगवंत मान पर कितना जुर्माना या कस्टम ड्यूटी लगाई गई?

उत्तर: दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम्स द्वारा अघोषित सामान के लिए ₹50,000 की कस्टम ड्यूटी/पेनाल्टी लगाई गई।

Q3: मुख्यमंत्री भगवंत मान फ्रांस (पेरिस) क्यों गए थे?

उत्तर: वे पंजाब के कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए ‘SIAL पेरिस 2026’ खाद्य प्रदर्शनी में शामिल होने गए थे।

Q4: पेरिस दौरे के लिए हाईकोर्ट क्यों जाना पड़ा था?

उत्तर: केंद्र सरकार द्वारा दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी देने में देरी या इनकार करने के बाद पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख मीडिया रिपोर्टों, पार्टी प्रवक्ताओं के बयानों और आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इस विषय में आधिकारिक जांच रिपोर्ट या सरकार की अंतिम पुष्टि के अनुसार तथ्यों में बदलाव हो सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।