अमरावती।
आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में नामांकन प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) द्वारा दाखिल शिकायतों और प्रस्तुत साक्ष्यों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने का निर्देश दिया है।
YSRCP ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए यह गंभीर आरोप लगाया था कि राज्य में कथित हिंसा, राजनीतिक दबाव और धमकियों के कारण उसके कई प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल करने से वंचित रह गए।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी प्रमुख निर्देश
- साक्ष्यों की जांच और निष्पक्ष निर्णय: अदालत ने SEC को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं द्वारा सौंपे गए वीडियो फुटेज, सीसीटीवी साक्ष्य और लिखित दस्तावेजों की गहन जांच करे। यदि आयोग यह पाता है कि प्रत्याशियों को वास्तविक रूप से पर्चा भरने से रोका गया था, तो संबंधित क्षेत्रों में नामांकन की समयसीमा बढ़ाई जाए।
- 48 घंटे का अतिरिक्त अवसर: जिन मामलों में बाधा पहुंचाने की पुष्टि होती है, वहां प्रभावित उम्मीदवारों को SEC के फैसले के बाद नामांकन दाखिल करने के लिए कम से कम 48 घंटे का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।
- अंतिम सूची के प्रकाशन पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि वह निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची तत्काल प्रभाव से प्रकाशित न करे। अंतिम सूची के प्रकाशन को 26 अक्टूबर 2026 तक टालने के लिए कहा गया है।
- कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी: राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया गया है कि वे सभी नामांकन केंद्रों और चुनाव कार्यालयों पर पर्याप्त सुरक्षा बल और सीसीटीवी कैमरे तैनात करना सुनिश्चित करें ताकि निष्पक्ष माहौल बना रहे।
YSRCP के दावे बनाम राज्य सरकार का रुख
| पक्ष | मुख्य तर्क / दावा |
| YSRCP (याचिकाकर्ता) | विपक्षी उम्मीदवारों को हिंसा और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग के जरिए रोका गया; निष्पक्ष चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा बढ़ाना और सुरक्षा देना आवश्यक। |
| राज्य सरकार व SEC | आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है और किसी भी वैध प्रत्याशी को प्रक्रिया से बाहर नहीं किया गया। |
अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली की आत्मा हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को बिना किसी भय के चुनाव लड़ने का समान अवसर प्राप्त होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव पर क्या आदेश दिया है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) को निर्देश दिया है कि वह नामांकन रोकने की शिकायतों की साक्ष्यों के आधार पर जांच करे और जिन प्रत्याशियों को रोका गया था, उन्हें 48 घंटे का अतिरिक्त समय दे।
प्रश्न 2: उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन कब तक के लिए रोका गया है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अंतिम उम्मीदवार सूची का प्रकाशन 26 अक्टूबर 2026 तक टाल दिया गया है।
प्रश्न 3: YSRCP की मुख्य मांगें क्या थीं?
उत्तर: YSRCP ने नामांकन की समयसीमा बढ़ाने, नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा मुहैया कराने और जहां बाधा उत्पन्न हुई वहां वैकल्पिक केंद्रों की व्यवस्था करने की मांग की थी।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख उपलब्ध अदालती कार्यवाहियों, सार्वजनिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित एक सूचनात्मक विश्लेषण है। इस मामले में किसी भी आधिकारिक घोषणा अथवा अंतिम निर्णय के लिए राज्य चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचनाओं का ही संदर्भ लें।

