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इस नवरात्रि प्रेफ़र (Prefr) अहमदाबाद और राजकोट में लेकर आया ‘शौक है? प्रेफ़र है ना’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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-अहमदाबाद और राजकोट में हाई-विजिबिलिटी OOH (आउट-ऑफ़-होम) विज्ञापनों, स्वर्णिम नगरी में उत्सव के विशेष अनुभव और स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स के साथ तालमेल के माध्यम से, प्रेफ़र ने गुजरात के इस सबसे बड़े त्योहार के सीज़न का उपयोग करके ब्रांड को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया है।

अहमदाबाद, अक्टूबर, 2026: नवरात्रि में बिल्कुल रिपीट न किए जा सकने वाले आउटफिट से लेकर विशलिस्ट में इंतज़ार कर रही बाइक तक, त्योहार अपने साथ कई सारे शौक लेकर आता है। इस साल, हैदराबाद स्थित डिजिटल क्रेडिट प्लेटफॉर्म प्रेफ़र (Prefr) ने इन्हीं जानी-पहचानी ज़रूरतों और चाहतों का उपयोग करके गुजरात में ब्रांड की पहचान को और मज़बूत किया। “शौक है? प्रेफ़र है ना” के विचार पर आधारित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ सीधे लोन की बात करने के बजाय त्योहार के सीज़न में मौजूद संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

यह अभियान प्रेफ़र के मूल ब्रांड विचार, “यू कैन” (You Can) – जो संभावना और आत्मविश्वास की एक सरल अभिव्यक्ति है – पर आधारित था। इसने लोगों को उनके रोज़मर्रा के जीवन से जुड़े पलों के माध्यम से प्रेफ़र से जुड़ने का अवसर दिया, और साथ ही एक ऐसे ब्रांड से परिचय कराया जो ज़रूरतमंद ग्राहकों को पर्सनल लोन के विकल्प खोजने में मदद करता है।

आउटडोर कैंपेन में तीन विज्ञापन पोस्टर मुख्य आकर्षण थे: नवरात्रि के नौ रंगों के स्नीकर्स से घिरी पीले लहंगे में एक युवती, फूलों की माला से सजी बाइक्स पर गरबा में शानदार एंट्री करते तीन दोस्त, और पैरों के पास “बेस्ट कॉस्ट्यूम” की ट्रॉफी के साथ सुनहरे परिधान में एक नृत्यांगना। इनमें से प्रत्येक विज्ञापन में त्योहार के जाने-पहचाने शौक को प्रेफ़र के चुटीले और हास्यपूर्ण अंदाज़ के साथ पेश किया गया था, जैसे “आउटफिट रिपीट? चांस ही नहीं”, “एंट्री ऐसी कि गरबा रुक जाए” और “सदा चमकते रहो”।

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अहमदाबाद में सीजी रोड, एसजी हाईवे और साबरमती रिवरफ्रंट से लेकर राजकोट में कालावड़ रोड, रेसकोर्स रिंग रोड और याग्निक रोड जैसे दोनों शहरों के सबसे व्यस्त मार्गों पर होर्डिंग्स और बस शेल्टर्स पर ये विज्ञापन प्रदर्शित किए गए। यह आउटडोर कैंपेन नवरात्रि के दौरान 12 दिनों तक चला।

अहमदाबाद में, यह अभियान स्वर्णिम नगरी में ग्राउंड लेवल पर आगे बढ़ा। प्रेफ़र की एक उत्सव-विशेष शटल सेवा ने पार्किंग क्षेत्र से गरबा स्थल तक आगंतुकों को पहुँचाया, सजाई गई स्कूटी और रिक्शा फोटो स्पॉट बने, और ‘प्रेफ़र विश ट्री’ (Prefr Wish Tree) पर लोगों ने अपने-अपने शौक साझा किए – जिसमें पहली रॉयल एनफील्ड खरीदने से लेकर द्वारका की फैमिली ट्रिप तक की इच्छाएँ शामिल थीं।

अहमदाबाद के कंटेंट क्रिएटर्स ने कोलैबोरेटिव रील्स के ज़रिए इस अभियान को अपने दर्शकों तक पहुँचाया और “शौक है? प्रेफ़र है ना” को अपनी नवरात्रि की खुशियों में सहजता से शामिल किया। इस कैंपेन के दौरान प्रेफ़र को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेहतर जुड़ाव (इंगेजमेंट), फ़ॉलोअर्स में वृद्धि और ऐप डाउनलोड्स में बढ़ोतरी देखने को मिली।

नवरात्रि का यह अभियान प्रेफ़र के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्रेडिट (ऋण) के बारे में बातचीत को सरल, सुलभ और रोज़मर्रा की जिंदगी के अनुकूल बनाना है, साथ ही ज़िम्मेदारी से लोन लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

क्योंकि हर किसी का शौक अलग होता है।

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और जब सही समय आए, तब You Can

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।