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भूमि संवाद IV: यूएलपीआईएन के साथ डिजिटाइज़िंग और जियोरेफ़रेंसिंग इंडिया पर राष्ट्रीय सम्मेलन

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नई दिल्ली (मा.स.स.). भू-आधार (यूएलपीआईएन) के साथ डिजिटाइज़िंग और जियोरेफ़रेंसिंग इंडिया पर राष्ट्रीय सम्मेलन – विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (यूएलपीआईएन) या भू-आधार के कार्यान्वयन पर भूमि संवाद IV का आयोजन भूमि संसाधन विभाग द्वारा 17 मार्च, 2023 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। केन्‍द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर केन्‍द्रीय ग्रामीण विकास एवं इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्‍द्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति तथा केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल भी उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन में निम्नलिखित तीन सत्र होंगे:

  1. i) “भूमि अभिलेख डेटा और मातृभूमि का लोकतंत्रीकरण;
  2. ii) “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) और ईज ऑफ लिविंग में भू-आधार का अनुप्रयोग;

iii) सर्वोत्तम कार्य प्रणालियां – राष्ट्रीय और वैश्विक (जियोरेफरेंसिंग/सर्वेक्षण/पुर्नसर्वेक्षण/भू-आधार का उपयोग और आगे का रास्ता)।”

सम्मेलन में विभिन्न केन्‍द्र, राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेश की सरकारों के साथ-साथ शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय निकाय, व्यापारिक समुदाय और नागरिक समाज और भूमि प्रशासन केन्‍द्र, भू-स्थानिक, जियोस्‍पेटियल वर्ल्‍ड, एरिस इंडिया टेक्नोलॉजीज, महालनोबिस राष्ट्रीय फसल वन केन्‍द्र, सर्वे ऑफ इंडिया सेंटर, सर्वे ऑफ इंडिया, आईआईटी रुड़की, मैपमाइइंडिया आदि सहित अन्‍य हितधारक शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी:

  1. i) भूमि पार्सल/भू-संदर्भ मानचित्रों के भू-संदर्भ की स्थिति, भू-आधार का निर्माण और मिशन मोड में इसकी संतृप्ति के लिए रणनीति।
  2. ii) विभिन्न सेवाओं/योजनाओं/क्षेत्रों में यूएलपीआईएन या भू-आधार के लाभ, उपयोग, अनुप्रयोग, सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों, भू-स्वामियों/हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया और उससे संबंधित मुद्दे।

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