लोड हो रहा है...

केवल हिंदी सीखने वाले तमिलनाडु में आकर शौचालय साफ करते हैं : दयानिधि मारन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

चेन्नई. डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उत्तर भारत के राज्यों को गौमूत्र राज्य बताया था. इस बीच उत्तर भारतीयों को लेकर डीएमके के एक और नेता दयानिधि मारन के भी बोल बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं. मारन ने ह‍िंदी पट्टी के राज्‍यों बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर एक बार फ‍िर व‍िवाद‍ित बयान देकर राजनीत‍िक बहस का मुद्दा खड़ा कर द‍िया है. डीएमके (DMK)सांसद दयानिधि मारन ने कहा क‍ि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग जो केवल हिंदी सीखते हैं वो निर्माण कार्यों के ल‍िए तम‍िलनाडु चले जाते हैं. वह सड़कों और शौचालयों की सफाई जैसे छोटे-मोटे काम करते हैं.

एमके स्‍टाल‍िन ने पहले भी दी थी डीएमके नेताओं को ह‍िदायत  

मारन ने इसका उदाहरण स‍िर्फ इसल‍िए द‍िया क‍ि यह ह‍िंदी सीखने के परिणामों को दर्शाता है. डीएमके सुप्रीमो एमके स्‍टाल‍िन की ह‍िदायत के बाद भी इस तरह के बयान आने से उत्तर भारत और दक्ष‍िण भारत के बीच भाषायी मुद्दा एक बार फ‍िर गरम हो सकता है.

बीजेपी नेता नीतीश कुमार की पूछ रहे राय 

- Advertisement -

दयानिधि मारन के इस व‍िवाद‍ित बयान को लेकर सोशल मीड‍िया पर वायरल वीड‍ियो क्लिप को बीजेपी नेता खूब साझा कर रहे हैं. इस वीड‍ियो को लेकर बीजेपी नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस पर उनकी राय पूछ रहे हैं.

शहजाद पूनावाला ने याद कराये सेंथ‍िल कुमार व रेवंत रेड्डी के बयान 

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उत्तर भारतीय राज्यों के बारे में डीएमके सांसद सेंथिल कुमार की आपत्तिजनक टिप्पणी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टिप्पणी (जब वह सीएम नहीं थे) को भी इससे जोड़ते हुए मुद्दे को गरम कर द‍िया है. रेवंत रेड्डी ने कहा था क‍ि तेलंगाना का डीएनए बिहार के डीएनए से बेहतर है. वहीं, अब डीएमके नेता दयानिधि मारन ने इस तरह का ताजा बयान देकर कुछ शांत हुए उत्तर-दक्षिण बहस के मुद्दे को फ‍िर हवा देने का काम कर द‍िया है.

गोमूत्र राज्‍य के बयान पर कांग्रेस ने भी जताई थी कड़ी आपत्ति 

अहम बात यह है क‍ि प‍िछले द‍िनों ह‍िंदी पट्टी राज्‍यों में कांग्रेस को 3 राज्‍यों में म‍िली करारी हार पर संसद के शीतकालीन सत्र में डीएमके सांसद सेंथ‍िल कुमार ने गोमूत्र राज्‍य वाला बयान द‍िया था कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्त‍ि जताई थी. उसने डीएमके के प्रमुख एम के स्‍टाल‍िन को इस बात के ल‍िए सख्‍त रूख अपनाने के ल‍िए यह कहा था क‍ि इस तरह के बयानों को लेकर आगे सतर्कता बरतनी चाह‍िए.

- Advertisement -

जेडीयू, आरजेडी और सपा व‍िपक्षी गठबंधन के ह‍िस्‍सा

खास बात यह है क‍ि डीएमके व‍िपक्षी इंड‍िया गठबंधन का सहयोगी दल भी है जिसमें जेडीयू, आरजेडी और समाजवादी पार्टी भी शामिल हैं. यह तीनों व‍िपक्षी गठबंधन दल बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्य राजनीतिक दल हैं.

‘ग‍िरि‍राज स‍िंह ने नीतीश-लालू पर कसा तंज’ 

बिहार बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया, “क्या नीतीश कुमार और लालू यादव हिंदी भाषी लोगों पर अपने गठबंधन सहयोगी की राय से सहमत हैं? उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि डीएमके और इंडिया ब्लॉक को हिंदी भाषी लोगों के प्रति इतनी नफरत क्यों है.”

साभार : एबीपी न्यूज़

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।