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टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बंगाल कांग्रेस को बताया भाजपा का दलाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अभी व‍िपक्षी इंड‍िया गठबंधन दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय नहीं हुआ है. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने रविवार (31 दिसंबर) को कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई को बीजेपी का दलाल बताया है. टीएमसी नेता कुणाल ने दोनों के बीच बड़ा अंतर बताते हुए सीट बंटवारे के सवाल पर कहा क‍ि अभी हमारे पास इसको लेकर कोई लेटेस्‍ट जानकारी नहीं है. इस पूरी प्रक्र‍िया को टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी देख रही हैं. वह ही अंतिम निर्णय लेंगी और सही समय पर सूचित करेंगी.

‘सोन‍िया-राहुल गांधी की सेंट्रल कांग्रेस में बड़ा अंतर’

उन्‍होंने कहा क‍ि सोन‍िया गांधी और राहुल गांधी की द‍िल्‍ली कांग्रेस में बड़ा अंतर है. उन्‍होंने कहा कि पश्‍च‍िम बंगाल के 2021 के व‍िधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने टीएमसी को बड़ा नुकसान पहुंचाया था और उसके चुनाव की वजह से बीजेपी को फायदा हुआ था.

‘कांग्रेस-सीपीएम ने 2021 चुनाव में बीजेपी को पहुंचाया था फायदा’ 

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टीएमसी नेता ने कहा क‍ि 2021 के चुनावों में टीएमसी बीजेपी को हराने के ल‍िए ही चुनाव लड़ रही थी. लेक‍िन कांग्रेस ने सीपीएम के साथ म‍िलकर चुनाव लड़ा था और वोटों का ध्रुवीकरण क‍िया था. इन चुनावों में उसको जीरो हास‍िल हुआ था. इससे स‍िर्फ भारतीय जनता पार्टी को ही पहुंचाने का काम क‍िया गया था. उन्‍होंने यह भी कहा क‍ि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्‍व के साथ ‘इंड‍िया गंठबंधन’ को लेकर ममता बनर्जी बातचीत कर रही हैं. समय आने पर गठबंधन को लेकर सबकुछ स्‍पष्‍ट कर द‍िया जाएगा. बंगाल राज्‍य कांग्रेस की कोई महत्ता नहीं है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।