लोड हो रहा है...

सीपीआई ने वायनाड में राहुल गांधी के खिलाफ उतारा प्रत्याशी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

विशाखापत्तनम. केरल के सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे में दूसरे सबसे बड़े गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने आगामी लोकसभा चुनावों में चार महत्वपूर्ण सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. पार्टी की वरिष्ठ नेता एनी राजा को महत्वपूर्ण वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकित किया गया है. इस सीट पर वर्तमान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सांसद हैं.

पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद पन्नियन रवींद्रन तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ेंगे, जो एक अन्य महत्वपूर्ण सीट है, जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर करते हैं. यह घोषणा पार्टी के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने एक संवाददाता सम्मेलन में की. उन्होंने कहा कि पूर्व कृषि मंत्री वी एस सुनील कुमार और पार्टी की युवा शाखा एआईवाईएफ के नेता सी ए अरुणकुमार को क्रमशः त्रिशूर और मवेलिककारा सीटों से मैदान में उतारा जाएगा.

वायनाड से एनी राजा को बनाया उम्मीदवार

वर्तमान में कांग्रेस के शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं और राहुल गांधी वायनाड से सांसद हैं. अगर राहुल गांधी वायनाड से लड़ते हैं तो उन्हें सीपीआई महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा से चुनौती मिलेगी. 2019 के चुनाव में सीपीआई ने 4 उम्मीदवार उतारे, लेकिन वे कोई भी सीट नहीं जीत सकी थी. केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं. इनमें से कांग्रेस को 15 सीटें मिली थी, जबकि 2019 में दो इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को मिली थी. सीपीआई (एम), केसी (एम) और आरएसपी ने 1-1 सीट जीती थी.

एनी राजा हैं CPI महासचिव डी राजा की पत्नी

सीपीआई की महासचिव डी राजा की एनी राजा पत्नी हैं. इसके पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि एनी राजा इस सीट से चुनाव लड़ सकती हैं और अब एलडीएफ की घोषणा के बाद यह पुष्टि हो गई है कि इस सीट से एनी राजा को भाकपा ने मैदान में उतारा है.

- Advertisement -

बता दें कि सीपीआई इंडिया गठबंधन का घटक दल है. एलडीएफ के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस जिस तरह से उत्तर भारत में घटक दलों या अन्य क्षेत्रीय पार्टियों को महत्व दे रही है. उस तरह से दक्षिण भारत में महत्व नहीं दे रही है. इस कारण केरल में कांग्रेस और सीपीआई का समझौता नहीं हुआ है. अब सीपीआई द्वारा उम्मीदवारों के ऐलान से कांग्रेस और भाकपा के बीच दरार साफ हो गई है.

दूसरी ओर, वायनाड से पार्टी उम्मीदवार एनी राजा ने कहा, “इतने लंबे समय से, सीपीआई-एलडीएफ गठबंधन के तहत – चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस बार भी, पार्टी ने इन सभी चार निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है. केरल में लड़ाई एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है, इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है. स्थिति वही है, कुछ भी नहीं बदला है.

डी राजा से बात करेंगे कांग्रेस नेता

दूसरी ओर, कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि भाकपा नेता डी राजा की पत्नी एनी राजा के वायनाड सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की बात भाकपा ने कांग्रेस से नहीं की. राहुल गांधी के वायनाड छोड़ने पर कोई चर्चा नही हुई. भाकपा इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, इसलिए एनी राजा के नाम की घोषणा के बाद राहुल गांधी के वायनाड लोकसभा सीट छोड़ने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल डी राजा से इस बाबत बात करेंगे.उत्तर प्रदेश की अमेठी और रायबरेली सीट पर अभी गांधी परिवार ने कोई फैसला नहीं किया है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।