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केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण की बेटी पद्मजा वेणुगोपाल भाजपा में हुई शामिल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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विशाखापत्तनम. आगामी लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने दक्षिण के राज्‍य केरल में बड़ी सेंधमारी की है. केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल  के पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण की बेटी पद्मजा वेणुगोपाल भाजपा में शामिल हो गई हैं. बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने पद्मजा वेणुगोपाल को पार्टी की प्राथामिक सदस्‍यता दिलवाई. पद्मजा वेणुगोपाल बीते कुछ समय से कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रही थी. उनकी नाराजगी खुलकर सामने भी आ रही थी. इस बात की आशंकाएं लगाई जा रही थी कि वो पार्टी छोड़ सकती हैं.

सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए पूर्व सीएम की बेटी ने गुरुवार को औपचारिक तौर पर दिल्‍ली के भाजपा मुख्‍यालय में पीएम नरेंद्र मोदी की पार्टी ज्‍वाइन कर ली. पद्मजा की बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को बुधवार को उस समय बल मिला जब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने उनके पाला बदलने की खबरों को खारिज करने वाली एक फेसबुक पोस्ट हटा दी. शुरू में भाजपा में जाने के उनके संभावित कदम को लेकर आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पद्मजा ने फेसबुक पर स्पष्ट किया था कि यह महज मजाक था. उन्होंने हालांकि बाद में पोस्ट हटा दी, जिसके बाद उनके भाजपा में जाने की अटकलों को बल मिला.

थरूर को बीजेपी का जवाब

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने करीब एक सप्‍ताह पहले लोकसभा चुनाव में केरल में भाजपा के दोहरे अंक में सीट हासिल करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षा का मजाक उड़ाया था। थरूर ने कहा था कि उन्हें केरल में यह उपलब्धि केवल ‘दो शून्य’ हासिल करने से मिल सकती है. अब पद्मजा वेणुगोपाल के बीजेपी में शामिल होने से केरल में बीजेपी को मजबूती मिलेगी. थरूर ने कहा था कि केरल में भाजपा के लिए केवल एक ही अंक आ रहा है, और वह ‘शून्य’ है.

साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।