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अकाली दल के चंडीगढ़ प्रत्याशी हरदीप सिंह बुटरेला ने छोड़ी पार्टी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. पंजाब के साथ चंडीगढ़ में भी आम आदमी पार्टी(आप) को बड़ी मजबूती मिली है। वहीं अकाली दल बादल को बहुत बड़ा झटका लगा है। शिरोमणि अकाली दल (SAD News) के चंडीगढ़ से 2024 लोकसभा चुनाव के लिए घोषित उम्मीदवार हरदीप सिंह बुटरेला अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ गुरुवार को अकाली दल छोड़कर आप में शामिल हो गए।

पंजाब में AAP और भगवंत मान को मिली बड़ी सफलता

आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने हरदीप सिंह बुटेरला (Hardeep Singh Buterla) और उनके सभी साथियों को पार्टी में औपचारिक तौर पर शामिल कराया और उनका आप परिवार में स्वागत किया। हरदीप सिंह बुटेरला चंडीगढ़ से 3 बार वार्ड पार्षद रहे हैं।

बुटेरला के पार्टी छोड़ने से अकाली को बड़ा नुकसान

वह नगर निगम चंडीगढ़ के सीनियर डिप्टी मेयर भी रह चुके हैं। चंडीगढ़ लोगों के बीच मजबूत पकड़ के कारण ही अकाली दल ने उन्हें इस बार लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Chunav 2024) के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था। उनके पार्टी छोड़ने से अकाली को बड़ा नुकसान होना तय है।

लोक कल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल-सिंह

आम आदमी पार्टी (AAP News) में शामिल होने के बाद बुटेरला ने पार्टी में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को धन्यवाद दिया और कहा कि मान सरकार के पिछले दो सालों के कार्यों और लोक कल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर मैं आम आदमी पार्टी में शामिल हुआ हूं।

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हरदीप बुटेरला ने कहा कि वह आज काफी देर तक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठ विकास कार्यों पर चर्चा की। उनके पास पंजाब के विकास के लिए बड़ा विजन है। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि मुझे और मेरे साथियों को चंडीगढ़ के लोगों के काम करवाने के लिए किसी पार्टी का हाथ पकड़ना पड़ेगा, इसलिए हमने आम आदमी पार्टी को और भगवंत मान को चुना। जिनके विजन के साथ पंजाब आगे बढ़ रहा है। हम चंडीगढ़ को भी इनके विजन के तहत आगे बढ़ाएंगे।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।