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मणिपुर में चीनी हैंड ग्रेनेड सहित हथियारों के साथ उग्रवादी गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इंफाल. मणिपुर में लगातार हिंसा जारी है। इस बीच केंद्र सरकार इस हिंसा को रोकने के लिए बैठकें कर रही हैं। मणिपुर पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने टेंग्नौपाल से तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और कांगपोकपी जिले से अत्याधुनिक हथियार जब्त किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने 14 जून को तेंगनौपाल जिले के लामलोंग गांव के निकट शांटोंग से तीन घाटी आधारित विद्रोहियों को गिरफ्तार किया। सोमवार रात जारी बयान में यह भी कहा गया कि “राज्य में स्थिति नियंत्रण में है” और सुरक्षा बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं।

कांगपोकपी जिले के गंगपीजांग पर्वतीय क्षेत्र में रविवार को चलाए गए एक अलग तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों ने एक 7.62 एमएम एके 56 असॉल्ट राइफल, एक पीटी 22 राइफल, एक 12 इंच की सिंगल बोर बैरल बंदूक, दो इंप्रोवाइज्ड प्रोजेक्टाइल लांचर, एक चीनी हैंड ग्रेनेड, एक देशी हैंड ग्रेनेड, एक 51 एमएम मोर्टार और जिंदा गोला-बारूद जब्त किया। बयान में यह भी कहा गया कि असम और मणिपुर के पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को क्षेत्र के मौजूदा हालात के संबंध में असम-मणिपुर सीमा पर जिरीबाम में एक संयुक्त बैठक की।

बराक और जीरी नदियों के पूरे तटीय क्षेत्र में नियमित गश्त और क्षेत्र वर्चस्व बढ़ा दिया गया है। बयान में जनता से अपील की गई है कि “लूटे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक तुरंत पुलिस या निकटतम सुरक्षा बलों को लौटा दें।” इसमें कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने एनएच-37 और एनएच-2 पर आवश्यक वस्तुओं के साथ क्रमशः 117 और 378 वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की। सभी संवेदनशील स्थानों पर कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं और वाहनों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा काफिला मुहैया कराया गया है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।