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अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने और भारी बारिश से तबाही का मंजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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ईटानगर. मानसून के आगमन के बाद अब कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह (23 जून) अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में बादल फटने से कई जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा होती जा रही हैं. अधिकारियों ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों से अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. हालांकि, पिछले दो दिनों में स्थिति में तो सुधार आया है, लेकिन रविवार को बादल फटने से कई इलाकों में भूस्खलन के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा.

कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति

 आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी की आज सुबह करीब 10.30 बजे बादल फटा, जिसके बाद ईटानगर और उसके आसपास के इलाकों के कई हिस्सों से भूस्खलन की खबरें आईं, जबकि NH-415 के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई. उन्होंने बताया कि राजधानी के लोगों के लिए लाइफ लाइन कहे जाने वाले राजमार्ग पर कई गाड़ियां खड़ी रही.

सुरक्षित स्थानों पर जानें की दी जा रही सलाह

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बादल फटने के बाद बनती स्थितियों को देख के जिला प्रशासन ने लोगों को नदियों और भूस्खलन वाले इलाकों में जाने से मना किया है. प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी है. वहीं अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. वहीं जिला प्रशासन ने  राहत शिविरों के रूप में सात निर्दिष्ट स्थानों की स्थापना की है.

बीते साल भी आसमान से बरसी थी आफत

बीते साल भी बारिश के दौरान कुछ ऐसे ही हालात बने थे. भारी बारिश के कारण भारी भूस्खलन औरक बाढ़ जैसी स्थितियां बन गई थी. आं जनजीवन अस्त व्यस्त सा हो गया था.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।